राजधानी के सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई और शौचालय की स्थिति की जांच अब कमेटी करेगी। तीन दिनों में सरकारी स्कूलों को अपने यहां साफ-सफाई व शौचालयों की स्थिति को सुधारना होगा।
28 अप्रैल के बाद कमेटी स्कूलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को सौपेंगी। स्कूलों में साफ-सफाई खासकर शौचालयों की स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षा निदेशालय ने एक सेंट्रल कमेटी का गठन किया है।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को साफ-सफाई के मद्देनजर कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिन्हें तीन दिनों के भीतर ही पूरा करना है। इन दिशा-निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।
मालूम हो कि बीते दो दिन पहले ही सरकारी स्कूलों में साफ सफाई और शौचालयों की स्थिति पर एलजी ने समीक्षा बैठक में यह चिंता जाहिर की थी। खासकर छात्राओं के शौचालयों में दरवाजे व कुंडियां नहीं हैं। स्कूल प्रशासन सफाई पर भी ध्यान नहीं देता है। ऐसे में एलजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वह साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाएं।
एलजी से मिले निर्देशों को शिक्षा निदेशालय ने गंभीरता से लिया। शिक्षा निदेशक पद्मिनी सिंघला ने स्कूलों के दौरे में पाया कि काफी शौचालय की स्थिति काफी खराब थी, साफ-सफाई न के बराबर थी, कई शौचालय शौचालय बंद पड़े थे जिसके कारण छात्र उन्हें इस्तेमाल करने में असमर्थ थे।
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ऐसे में शिक्षा निदेशक की ओर से स्कूलों को साफ-सफाई को गंभीरता से लेने के लिए 28 अप्रैल तक का समय दिया है। स्कूलों को कहा गया है कि तीन दिनों केभीतर शौचालयों की स्थिति को सुधारा जाए, शौचालय में पानी की पूरी सप्लाई हो, शौचालयों में दरवाजों की व्यवस्था हो।
तीन दिनों केबाद सेंट्रल टीम इस बात की जांच करेगी कि स्कूलों ने निर्देशों का पालन किया है या नहीं। स्कूलों को कहा गया है कि उपराज्यपाल ने स्कूलों में दौरा करने की इच्छा जताई है। उनका फोकस स्कूलों की साफ-सफाई पर है। ऐसे में इन निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।