गुड़गांव के सरकारी स्कूलों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम फेल हो गया है। वर्ष 2011 में शुरू की गई योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई। शिक्षक अब रजिस्टर पर ही अपनी हाजिरी लगा रहे हैं।
दरअसल, शिक्षकों की गैरहाजिरी और लेटलतीफी पर लगाम लगाने के मकसद से शिक्षा निदेशालय ने बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शुरू किया था। शुरुआत में शिक्षकों ने इसका विरोध किया।
उसके बावजूद सभी स्कूलों में बायोमैट्रिक मशीनें भेजी गईं। इसे 2011 में शुरू किया गया, लेकिन कुछ दिन बाद ही इनमें खामियां शुरू हो गईं। 24 घंटे चलने की वजह से इनकी बैट्री खराब हो गई। उसके बाद मशीनों को यूपीएस से जोड़ा गया, लेकिन तब भी कोई सुधार नहीं हो पाया। कई स्कूलों में मशीन में लगी चिप ही क्रैश कर गईं।
बायोमैट्रिक मशीन के रखरखाव के लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया था, लेकिन ठेका खत्म होने से इनका रखरखाव नहीं हो पाया और मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। गुड़गांव में करीब 600 सरकारी स्कूल हैं, लेकिन इनमें से महज एक दर्जन स्कूलों में ही यह व्यवस्था कायम है।
बायोबैट्रिक्स सिस्टम के तहत दिन में दो बार हाजिरी लगाने की व्यवस्था थी। स्कूल शुरू होने से 15 मिनट पहले और 15 मिनट बाद, लेकिन अब रजिस्टर पर केवल एक बार शिक्षकों को हाजिरी लगानी होती है। इससे शिक्षक समय से पहले चले जाते हैं। हाल ही में अधिकारियों के दौरे में भी शिक्षक गायब पाए गए थे।