जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की 30 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लाल प्रसाद यादव से मुलाकात होगी। पटना में आयोजित होने वाली बैठक में कन्हैया दोनों नेताओं से अलग-अलग समय पर मिलेगा।
इसके अलावा एक मई को पटना में ही आजादी के नाम से कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं को संबोधित करेगा, जिसमें रोहित वेमूला के नाम पर मोदी सरकार को घेरा जाएगा। कन्हैया के बिहार दौरे से सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है।
एआईएसएफ (ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वल्ली उल्ला खादिरी के मुताबिक, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन के नौ फरवरी को देशविरोधी में सजा का फैसला सुनाने के विरोध में कन्हैया बुधवार से कैंपस में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर चुके हैं।
बिहार दौरे के दौरान भूख हड़ताल जारी रहेगी
कन्हैया
- फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
हालांकि इसी बीच बिहार दौरे के दौरान उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का मकसद छात्रों तक रोहित वेमूला के संघर्ष पर जागरूकता पहुंचाना है।
इस कार्यक्रम में रोहित नहीं बनूंगा, रोहित तैयार करूंगा का नारा भी सुनने को मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन की ओर से किया जा रहा है।
पटना में एक मई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साथ बैठक होगी। मुख्यमंत्री के न्योते पर ही कन्हैया मिलने जा रहे हैं। हालांकि कन्हैया के आजादी कार्यक्रम में बिजी शेड्यूल के चलते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाग नहीं ले पाएंगे।
-सुशील कुमार, सचिव, एआईएसएफ, बिहार।