सम विषम को लेकर राजधानी में दो तरह के नजारे दिख रहे है। सड़क पर सफर का समय तो कम हुआ है। मगर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से सफर करने वालों की मुश्किल बढ़ गई है।
चूंकि कार से चलने वालों के लिए सड़कें खाली मगर बस और मेट्रो फुल हैं। टैक्सी और ऑटो चालक भी मनमाना किराया वसूलने में लगे हैं। सरकार भी मानती है बसों में भीड़ बढ़ी है, जिससे थोड़ी दिक्कत है।
आम दिनों में औसतन 38 लाख यात्रियों को ढोने वाली डीटीसी की बसों में सम विषम के दौरान रोजाना औसतन दो लाख से ज्यादा यात्रियों की संख्या बढ़ी है। मेट्रो में भी कमोवेश इतने ही यात्री रोजाना बढ़ गए हैं। इससे बस व मेट्रो में सफर करना मुश्किल हो गया है। हालांकि सरकार का कहना है कि भीड़ बढ़ी है लेकिन दिक्कत ज्यादा नहीं है।