दिल्ली चुनाव में भाजपा का संकल्प पत्र घोषित करने आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के लोगों को खूब सपने दिखाए। गडकरी ने बताया कि अगले दो महीनों में यानी अप्रैल तक दिल्ली से मेरठ की दूरी 45 मिनट की रह जाएगी। मेरठ से दिल्ली का 16 लेन हाईवे बनकर तैयार है। इसी तरह दिल्ली से मुंबई की दूरी महज 12 घंटे की रह जाएगी।
घोषणा पत्र जारी करने से पहले नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। गडकरी ने बताया कि 100000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बनने वाले दिल्ली मुंबई का हाईवे अगले तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इस हाइवे से दिल्ली के लोगों को न सिर्फ मुंबई पहुंचने में वक्त कम लगेगा बल्कि तमाम तरीके की व्यावसायिक गतिविधियां भी इस हाईवे पर हो सकेंगी। अभी दिल्ली से मुंबई तक जाने में 24 घंटे से ज्यादा का वक्त लग जाता है।
गडकरी ने बताया कि प्रस्तावित व निर्माणाधीन हाईवे को ई-हाईवे (ग्रीन हाईवे) का दर्जा दिया जाएगा। इस हाईवे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल भी चलेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल के चार्जिंग स्टेशंस भी होंगे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। नितिन गडकरी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र की योजनाओं को बहुत ही तेजी से जमीन पर उतार रही है। गडकरी ने दिल्ली चुनाव से पहले केंद्र की योजनाओं के बारे में बताकर दिल्ली के लोगों में केंद्र की योजनाओं का एक खाका तैयार किया। इन योजनाओं में दिल्ली के अंदर किए जा रहे बहुत सारे विकास कार्यों का भी जिक्र गडकरी ने किया।
नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली-सहारनपुर 150 किलोमीटर व दिल्ली-मेरठ अप्रैल में 40 से 50 मिनट की दूरी होगी। दिल्ली के मुकरबा चौक से पानीपत तक के सड़क निर्माण एक साल में पूरा होगा तो दिल्ली के धौला कुंआ से दिल्ली एयरपोर्ट सड़क निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। इसी तरह सोहना से अलवर होकर मुंबई तक 12 लेन की सड़क तीन साल में दिल्ली की जनता कार लेकर मुंबई 12 घंटे में पहुंच जाएगी।
उन्होंने दिल्ली सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सिर्फ फोकट में बात करने से दिल्ली का विकास नहीं होगा। केंद्र में भाजपा की सरकार का इंजन और दिल्ली में भी भाजपा की सरकार बनते ही दोनों इंजन मिलकर बुलेट ट्रेन हो जाएंगे। सभी योजनाओं को गति मिलेगी। गडकरी ने कहा कि दिल्ली के तकदीर को हम बदलने वाले है। अटल विहारी वाजपेयी की सरकार हो या मोदी जी की सरकार।
दिल्ली के लिए विकास का काम किया गया। वायु प्रदूषण व पानी के प्रदूषण से मुक्ति देंगे। नमामि गंगा के तहत गंगा में मिलने वाले 40 नदियों को भी इस योजना में लाया गया है। यमुना की स्वच्छता पर 6 हजार करोड़ खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि लखवाड़ विद्युत बहुउद्देश्यीय योजना है। हिमाचल में प्रोजेक्ट पूरा होगा। 1970 के इस प्रोजेक्ट पर विभिन्न राज्यों के आपसी विवाद सुलझा लिया गया है।