दिल्ली गैंगरेप पर विवादित डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली ब्रिटिश निर्माता लेसली वुडविन ने कहा है कि इस फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर भारत ने ‘इंटरनेशनल सुसाइड’ यानी खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘इंडियाज डॉटर’ की निर्देशक ने कहा कि उन्होंने इस फिल्म के जरिए भारत में इस गैंगरेप के खिलाफ हुए विरोध के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने की कोशिश की है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे देश पर अंगुली उठाने जैसा कदम करार दिया गया।
लंदन में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के बाद उन्होंने कहा कि इसे बनाने का उनका मुख्य मकसद सही मायने में भारत की प्रशंसा करना था। यह बताना था कि दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहां इस बलात्कार की घटना के खिलाफ इतनी बड़ी प्रतिक्रिया देखी गई।