निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक दोषी की ओर से दायर दया याचिका के बाद तीन अन्य दोषियों की फांसी टल गई है। इन दोषियों की फांसी तब तक टली रहेगी जब तक राष्ट्रपति की ओर से इस दया याचिका पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता।
जेल प्रशासन का कहना है कि दोषी की ओर से दायर याचिका को सरकार को भेज दिया गया है। वहां से उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। जेल प्रशासन दो अन्य दोषियों के जवाब पर निचली अदालत में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।
जेल अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अगर विनय की याचिका को राष्ट्रपति खारिज कर देते हैं और उसके बाद भी इस मामले का कोई दूसरा दोषी राष्ट्रपति से दया की गुहार लगाता है तो जेल प्रशासन उसकी याचिका को भी राष्ट्रपति के पास भेजेगी। इस याचिका पर सुनवाई करने का अंतिम निर्णय राष्ट्रपति का है।
जेल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दोषी विनय ने राष्ट्रपति को दया याचिका दी है जबकि मुकेश ने दया याचिका देने से मना कर दिया है। वहीं दो अन्य दोषी मुकेश और पवन ने नोटिस के जवाब में कहा है कि दया याचिका से पहले उनके पास अन्य कानूनी विकल्प मौजूद हैं। इन दो कैदियों के जवाब को जेल प्रशासन अदालत में पेश करेगी।