12 देशों के 1500 लोगों को पॉप अप मेसेज कर ठगने वाले कॉल सेंटर देश भर में भले ही अलग-अलग चल रहे हों, लेकिन इनके पीछे एक अंतरराष्ट्रीय सरगना है। नोएडा पुलिस का कहना है कि विदेशों से आने वाला पैसा हवाला से आने की आशंका है। सरगना खाड़ी देश में रहकर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। हालांकि, यह किसी से मिलता नहीं है। इसका काम बड़ी कंपनियों के आईपी एड्रेस उपलब्ध कराने से लेकर तकनीकी सुविधाएं देना है। अब नोएडा पुलिस के इस खुलासे के बाद इंटरपोल इस सरगना व पूरे नेटवर्क के बारे में पता कर रहा है।
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ऐसे करते थे ठगी
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पुलिस ने बरामद किया सामान
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, आरोपी बल्क में विदेशी लोगों के कंप्यूटर में पॉप अप मेसेज भेजते हैं। इसके लिए उन विदेशी लोगों के कंप्यूटर का आईपी एड्रेस चाहिए। ऐसे में इंटरपोल यह पता कर रही है कि यह आईपी एड्रेस आरोपियों के पास कहां से आते हैं। इसी जांच में एक सरगना का पता चला है जो खाड़ी देश से आईपी एड्रेस उपलब्ध करा रहा है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के मामले में नोएडा पुलिस के साथ एफबीआई, इंटरपोल व कनाडा पुलिस साथ थी। सबसे पहले एफबीआई व कनाडा पुलिस ने एसएसपी डा. अजयपाल शर्मा से मिलकर इस मामले की योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस की टीमों ने इस पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया।
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सर्विस प्रोवाइडर भी बन जाते हैं
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fake call
- फोटो : amar ujala
आरोपी जब विदेशी लोगों के कंप्यूटर व लैपटॉप पर पॉप अप मैसेज भेजते थे तो उस मेसेज में अपने संपर्क का एड्रेस भी डालते थे। जब मेेसेज देखकर लोग इनसे संपर्क करते थे तो ये लोग माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल जैसी कंपनियों का टेक्निकल सर्विस प्रोवाइडर बताकर उन्हें विश्वास में ले लेते थे। ऐसे पकड़े गए आरोपी
कई महीनों से माइक्रोसॉफ्ट के पास पॉप अप वायरस मेसेज आने की शिकायतें बढ़ रही थीं। हर महीने दस हजार से अधिक शिकायतें आने लगी तो कंपनी ने इसकी मॉनिटरिंग की तो पता चला कि जिस डोमेन से यह मेसेज आ रहा है। वह एनसीआर सहित देशभर के चालीस से अधिक लोकेशन पर है। इसके बाद एफबीआई के साथ नोएडा पुलिस ने इस मामले को आगे बढ़ाया और एक साथ नौ फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ लिया।
यूरोपीय यूनियन के देशों पर अधिक निशाना
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fake call
- फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक, यह एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट है जो यूरोपीय यूनियन के देशों के लोगों को ठगते हैं। आरोपियों ने अब तक यूएसए, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के अलावा ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, इटली, आयरलैंड, स्पेन, फ्रांस, स्वीडन, हंगरी, डेनमार्क के लोगों से ठगी की है।
विदेशी मीडिया में छायी नोएडा पुलिस
खुलासे के बाद नोएडा पुलिस विदेशी मीडिया में छा गई। विदेशी मीडिया में नोएडा पुलिस के खुलासे और एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा की प्रेस कॉंफ्रेंस की तस्वीरें छपी हैं। अमेरिका के प्रमुख अखबार न्यूयार्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट में इसे प्रमुखता से छापा गया। वहीं कई विदेशी एजेंसियों और विदेशी न्यूज नेटवर्क में भी नोएडा पुलिस की कार्रवाई प्रमुखता से प्राइम टाइम में दिखाई जा रही है।
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एफबीआई ने दी कप्तान को बधाई
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एफबीआई के अधिकारियों के साथ एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
इस बड़े खुलासे के बाद अमेरिकन पुलिस एफबीआई ने एसएसपी डा. अजयपाल शर्मा को बधाई दी। एसएसपी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए एफबीआई के कई अधिकारियों ने मुलाकात भी की। एसएसपी ने बताया कि नोएडा पुलिस लगातार एफबीआई के संपर्क में है। आरोपियों पर लगेगा रासुका
एसएसपी ने बताया कि इन आरोपियों पर पहले गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद इन पर रासुका की कार्रवाई होगी। इनके बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है और संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है। बाद में संपत्ति जब्त करने की भी कार्रवाई होगी।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पूरे मामले में माइक्रोसॉफ्ट के पुराने कर्मचारी की भी भूमिका हो सकती है। पुलिस इस पहलु पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जिस तरह से लोगों के कंप्यूटर के आईपी एड्रेस आसानी से आरोपियों को मिल रहे हैं। उससे लग रहा है कि कोई पूर्व कर्मचारी डाटा लीक कर रहा है।
नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी लोगों को ठगी करने वालों का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। इसके लिए एफबीआई, इंटरपोल के साथ नोएडा पुलिस लगातार संपर्क में है। नोएडा में इस तरह का कॉल सेंटर चलाकर देश की छवि धूमिल की जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। - डा. अजयपाल शर्मा, एसएसपी