कांवड़ यात्रा और अलविदा जुमे की नमाज के बाद एनएच-58 को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया। कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन के चलते पिछले एक सप्ताह से इस मार्ग पर दुपहिया वाहनों के अलावा किसी भी अन्य प्रकार के वाहनों का संचालन बंद था।
देर शाम कांवड़ यात्रा समाप्त होने के साथ ही इस मार्ग पर ट्रैफिक पूरी तरह से खोल दिया गया। शनिवार सुबह से एनएच-58 पहले की तरह फर्राटा भरेगा।
कांवड़ यात्रा के चलते 19 जुलाई से ही दिल्ली-मेरठ हाईवे के एक ओर के मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इस रूट पर सिर्फ एक ओर हल्के और दुपहिया वाहनों का संचालन हो रहा था। तीन दिनों से हल्के वाहनों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। ऐसे में सिर्फ दुपहिया वाहन चालक ही इस मार्ग पर संचालित हो रहे थे।
शुक्रवार दोपहर अलविदा जुमे और डाक कांवड़ के मद्देनजर सिहानी चुंगी और एएलटी कट के पास दुपहिया वाहनों को भी करीब डेढ़ घंटे तक रोक दिया गया।
इससे मेरठ ओर हापुड़ की ओर जाने वाले वाहनों को वाया राजनगर एक्सटेंशन होकर जाना पड़ा। हालांकि नमाज खत्म होने के साथ ही दिल्ली-मेरठ मार्ग हलके वाहनों केलिए खोल दिया गया था।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनिल कुमार का कहना है कि शनिवार से दिल्ली-मेरठ हाईवे पर रूट डायवर्जन पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।