नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने फरीदाबाद स्थित रंगाई उद्योग के पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने में नाकाम रहने के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीसीबी) को फटकार लगाई है। एनजीटी ने कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपनी वैधानिक जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं कर रहा है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एनजीटी की पीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पुनर्गठन का निर्देश देते हुए कहा कि इसके जरूरी सतर्कता स्क्वॉड का गठन करें। साथ ही कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया को और छोटा किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फरीदाबाद के डीएम और एचपीसीबी ने एनजीटी को बताया कि निरीक्षण के दौरान उल्लंघन पाया गया और उस पर जरूरी कार्रवाई की गई। इनमें इकाई को बंद करने, पर्यावरण हर्जाने का आकलन और कानूनी कार्रवाई भी शामिल है।
पीठ ने कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दाखिल रिपोर्ट से साफ है कि इस ट्रिब्यूनल के निर्देश पर कुछ कार्रवाई को छोड़कर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन अब भी जारी है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खुद से कार्रवाई करने की अपनी वैधानिक जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं कर रहा। पीठ ने एचपीसीबी को दोषी उद्योगों से हर्जाना वसूलना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जब तक वह नियमों का अनुपालन नहीं कर लेते तब तक उन्हें चलाने की इजाजत नही दी जाए। इन पर सतर्कता स्क्वॉड की निगरानी जारी रहे। पीठ ने अगली सुनवाई 30 नवंबर तक ईमेल के जरिये रिपोर्ट मांगी है।