फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी का यूपी सरकार को आदेश, वृंदावन में यमुना किनारे से तत्काल हटाएं निर्माण सामग्री

Tue, 22 Jan 2019 10:43 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में यूपी सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को आदेश दिया है कि वृंदावन में यमुना किनारे से सभी प्रकार की निर्माण सामग्री तत्काल हटाई जानी चाहिए। 
विज्ञापन


जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ का यह आदेश याची आकाश वशिष्ठ की ओर से दाखिल याचिका पर आया है। पीठ ने इस आदेश के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया है। 

याची का आरोप था कि रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर वृंदावन में यमुना किनारे निर्माण कार्य किया जा रहा है। जबकि यह उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की तरफ से 16 मार्च, 2010 को जारी आदेश और एनजीटी की ओर से 20 मई, 2013 को जारी किए गए आदेश के खिलाफ है। 
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता ने ट्रिब्यूनल को बताया कि सिंचाई विभाग को यमुना रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। 
 
विज्ञापन

हालांकि, अब इस परियोजना के लिए ताज ट्रिपेजियम प्राधिकरण (टीटीजेड) से मंजूरी लेना जरूरी होगा। वहीं, पीठ ने याची से कहा है कि यदि परियोजना प्रस्तावक टीटीजेड से मंजूरी हासिल कर लेता है और उसके बाद वह इसे चुनौती देना चाहता है तो ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल कर सकता है। वृंदावन में यमुना किनारे केसी घाट समेत अन्य 32 घाटों के सौंदर्यीकरण के तहत रिवर फ्रंट व इंटरसेप्टर ड्रेन बनाए जाने का प्रस्ताव है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें