दिल्ली में बड़े पैमाने पर लापरवाही से पेड़ काटे जाने के मामले पर संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वो अब 2000 पेड़ लगाए। एनजीटी ने ये आदेश उत्तर पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार में 216 पेड़ों को काटे जाने के बाद दिया है।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली बेंच ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को भी लताड़ा। ट्रिब्यूनल के ये निर्देश भी हैं कि अगर चीफ इंजीनियर इस काम को करने में असफल रहते हैं तो उन पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले एनजीटी ने यमुना विहार में पेड़ों की कटाई पर अपने आदेश देने तक रोक लगा दिया था। बेंच ने यह निर्देश एसडी विंडलेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिनका आरोप था कि पीडब्ल्यूडी ने यमुना विहार कॉलोनी में एक चार वर्ग मीटर चौड़ी सर्विस लेन के चौड़ीकरण के लिए बिना इजाजत वहां मौजूद 400 पेड़ काट दिए थे।
याचिका में ये कहा गया था कि जिस जगह पेड़ कटे वहां 15 मीटर लंबी इस सर्विस लेन पर ग्रीन बेल्टर हुआ करती थी, जिससे स्थानीय लोग वहां सैर आदि के लिए जाया करते थे लेकिन पेड़े कटने के बाद सब बर्बाद हो गया।