रात के करीब 11 बजे महिला के शव को आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए पिनगवां पुलिस थाना लाया गया। पुलिस ने महिला के शव को मांडीखेडा के अल-आफिया अस्पातल भिजवा दिया। जिसे बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
मेवात बार के प्रधान एवं वरिष्ठ ऐडवोकेट ताहिर हुसैन रूपडिया ने बताया कि इस इलाके में करीब 60 फीसदी रेप और 50 फीसदी मर्डर के मामले में अदालत का फैसला आने से पहले ही बिरादरी स्तर पर फैसला हो जाता है और पीड़ित पक्ष अपनी गवाही बिगाड़ देता है, जिससे आरोपी बरी हो जाते हैं। अदालत में बिरादरी फैसले का कोई जिक्र नहीं होता है। उन्होंने बताया कि इन फैसलों में लालच या राजनैतिक दबाव अधिक होता है।
पुलिस शिकायत का इंतजार करती रही और शव पड़ा रहा
महिला की मौत मंगलवार दिन में करीब 12 बजे हो गई थी। जिसकी कुछ लोगों ने पिनगवां पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस मौके पर भी पहुंची थी लेकिन तमाशबीन बनकर पुलिस मौके से वापस आ गई। महिला का शव मंगलवार की रात करीब 11 बजे तक पिनगवां पुलिस थाने में पहुंच गया था। पुलिस ने पीड़ित लोगों के बयान लेने की बजाए लिखित शिकायत देने को कहा था लेकिन किसी ने शिकायत नहीं दी। बीमारी से मौत की शिकायत बुधवार को की गई। भले ही सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश हैं कि बडे़ जुर्म में पंचायतों के फैसले का कोई दखल नहीं होगा उसके बावजूद भी पिनगवां पुलिस पंचायत के फैसले का इंतजार करती रही।
पिनगवां थाना प्रभारी पंकज का कहना है पुलिस के पास मंगलवार रात तक कोई शिकायत नहीं आई थी। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रात को ही भिजवा दिया था। बुधवार को पीड़ित पक्ष की ओर से प्रमीना की मौत बीमारी से होने की शिकायत मिली है। इसके बाद धारा 174 के तहत कार्रवाई कर महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट के अंदर मौत के जो भी कारण आएंगे, उसके तहत ही कार्रवाई की जाएगी।
परिजन बोलने से कतराते रहे
मंगलवार को जहां महिला का पति साकिर कह रहा था कि उसकी पत्नी को मिट्टी में दबाकर मारा गया है। वह आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कराना चाहता हैं, वहीं पंचायत में फैसला हो जाने के बाद वह बुधवार को मीडिया के सामने उसने पत्नी की मौत के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं साकिर के पिता रहमुद्दीन ने फोन पर बताया कि उनका फैसला हो गया है अब वे कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते।