फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: चिड़ियाघर में लखनऊ से आया एक और विजय, अब सीता से होगी शादी

Wed, 24 Jul 2019 06:33 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अरुण कुमार, (नई दिल्ली)
विज्ञापन
दिल्ली के चिड़िया घर में आया सफेद बाघ - फोटो : social media (File Photo)
विज्ञापन

दिल्ली के चिड़ियाघर में अब सफेद बाघों के बाड़े में विजय नाम दो सफेद बाघ हो गए हैं। दूसरा विजय सोमवार को लखनऊ से छह घंटे का सफर करने के बाद दिल्ली लाया गया। दिल्ली जू से पहले विजय की बेटी गीता को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा गया है। लखनऊ से लाए गए विजय की शादी जू की सफेद बाघिन सीता से कराने तैयारी की जा रही है।

विज्ञापन


दिल्ली चिड़ियाघर के क्यूरेटर एजुकेटर रियाज खान ने बताया कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा वन्यजीव विनिमय प्रोग्राम के तहत लखनऊ के चिड़ियाघर से सफेद बाघ विजय को लाया गया है। ट्रक से दिल्ली पहुंचने में करीब छह घंटे का समय लगा। फिलहाल उसे दिल्ली जू में मौजूद अन्य सफेद बाघों से दूर चिड़ियाघर के अस्पताल में चिकित्सीय देखरेख में रखा गया है।

बताया गया है कि विजय बिल्कुल स्वस्थ है और भोजन भी पर्याप्त मात्रा में खा रहा है। मेडिकल ऑब्जर्वेशन के लिए उसे अलग रखा गया है। कुछ दिनों तक अन्य सफेद बाघों से दूर रखा जाएगा और जब वह यहां के वातावरण में ढलने लगेगा तो उसे दूसरे सफेद बाघों से मिलवाया जाएगा। विजय को लखनऊ से लाने के लिए काफी समय से प्रक्रिया चल रही थी।
विज्ञापन


बताया गया है कि विजय को दिल्ली लाने के बदले में दिल्ली के जू में पहले से मौजूद 12 साल के विजय (सफेद बाघ) और कल्पना (सफेद बाघिन) की साढ़े 3 साल की बेटी गीता को लखनऊ भेजा गया है। दिल्ली जू में पहले से मौजूद सफेद बाघों में विजय, उसकी पत्नी कल्पना और इन दोनों की बेटी सीता और बेटा टीपू है, जबकि गीता को लखनऊ भेज दिया गया है।

लखनऊ से लाए गए विजय की शादी सीता से कराई जाएगी। बताया गया है कि वन्यजीव विनिमय प्रोग्राम का उद्देश्य वन्यजीवों में नए रक्त का समावेश करना है, जिससे वन्यजीव अनुवांशिक रूप से मजबूत रहें तथा बीमारियों आदि से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता में कमी ना हो पाए। बताया गया कि यदि एक नर-मादा जोड़े की संतानों का आपस में प्रजनन कराया जाता है तो इससे उनकी होने वाली संतानों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती और उनके जीने की संभावना भी कम हो जाती है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें