फरीदाबाद में निजी अस्पतालों की ओर बढ़ते सरकारी डॉक्टरों के रुझान को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वेतन नीति में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को सेक्टर-12 में के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है उनमें अच्छे वेतन पर अनुबंधित डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह को दस दिन में एक रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए।
पर्याप्त स्टाफ न होने से अस्पतालों में जनता को अच्छी सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिले में 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं दो उच्च स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. रविकांत गुप्ता ने बताया कि सरकारी अस्पतालों एवं केंद्रों पर जो वेतन कर्मचारियों को प्रस्तावित किया जाता है वह निजी अस्पतालों की तुलना में कम होता है। जिस कारण कर्मचारियों का रुझान सरकारी संस्थानों की ओर कम होता जा रहा है।
उन्हेंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में तेजी से कर्मचारियों ने सरकारी संस्थानों को छोड़ा है। इसलिए अब अच्छा वेतन देकर पांच साल के अनुबंध पर डॉक्टर रखे जाएंगे। किस श्रेणी के डॉक्टर का वेतन कितना होगा यह अभी तय नहीं है।