इतना ही नहीं मंत्री जैन ने राजधानी के निजी अस्पताल और नर्सिंग होम से भी इस तरह की थैरेपी अपने-अपने यहां शुरू करने की अपील की है। ताकि अस्पतालों में मरीजों को एक अच्छा वातावरण मिल सके। वहीं डॉक्टर, नर्स और मरीज आपस में मधुर संबंध रख सकें।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले ब्राजील के एक अस्पताल ने इस तरह की हैप्पीनेस डांस थैरेपी वीडियो जारी की थी। इस वीडियो पर तमाम विचार के बाद इसे जीटीबी अस्पताल में शुरु करने की मंजूरी ली गई।
शुरुआत में अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में जब इसे शुरू किया गया तो महिला मरीज और उनके तिमारदारों के लिए ये अजीब था। हर कोई आश्चर्य था डॉक्टर व नर्स को नाचते देख, लेकिन धीरे धीरे इसमें उनकी सहभागिता होने लगी। डॉ. सुनील कुमार के मुताबिक इस तरह की गतिविधियों के जरिए अस्पताल में एक बेहतर वातावरण दिया जा सकता है।