पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने जजों की नियुक्ति के लिए बनाए गए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को उच्चतम न्यायालय द्वारा असंवैधानिक ठहराए जाने के मामले में टिप्पणी की। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ में संवैधानिक कानून विषय पर चल रही पांच दिवसीय व्याख्यान शृंखला के दूसरे दिन काटजू ने जजों की नियुक्ति को लेकर एनजेएसी कानून को सही ठहराया।
उन्होंने कहा कि कोर्ट का काम कानून बनाना नहीं है। न्यायालय को संसद द्वारा पारित एनजेएसी कानून का सम्मान करना चाहिए, इसे खारिज करना गलत है।
इस दौरान काटजू ने छात्रों को मूल मंशा सिद्धांत और लिविंग कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अमेरिका के संविधान की व्याख्या भी की।
इसके अलावा भारतीय संविधान के कानून की प्रक्रिया और दुष्प्रभावों की अवधारणा के संदर्भ में बुनियादी संरचना के सिद्धांत पर विशेष बल दिया। उन्होंने छात्रों को शिक्षा का अधिकार, मौलिक अधिकारों के संदर्भ में राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों की व्याख्या करने के बारे में बताया।