गिरफ्तार फैक्टरी मालिक रेहान
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पुलिस के मुताबिक हादसा रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में हुआ। यहां करीब 600 गज के प्लॉट संख्या-8273 को तीन हिस्सों में बांटकर तीन भाई शान-ए-इलाही, रिहान और इमरान अपनी-अपनी फैक्टरी चला रहे थे। सभी फैक्टरी चार मंजिल हैं। तीनों की फैक्टरी में लेडीज बैग सिलाई, दूसरे बैग, खिलाने बनाने, पिचकारी बनाने और इनकी पैकिंग का काम होता था। तड़के करीब 5.00 बजे अचानक रिहान वाले 200 गज के हिस्से में आग लग गई।
दूसरी मंजिल से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में ऊपर जाने का एक हीरास्ता था जिसे बाहर से बंद किया हुआ था। इसके अलावा ऊपर जीने का रास्ता भी बंद था। आग लगते ही वहां अफरी मच गई। बिल्डिंग में अंदर करीब 100 लोग फंस गए। शोर-शराबे के दौरान पड़ोसी मदद को भागे। कुछ लोग तो किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब हो गए।
पड़ोसियों ने हादसे को देखते हुए आसपास की इमारतों को खाली करा दिया। लेकिन करीब 60 लोग अंदर ही फंस गए। इनमें नाबालिग भी शामिल थे। 5.22 बजे पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई।शुरुआत में नजदीकी रानी झांसी रोड स्थित दमकल केंद्र से गाड़ियां भेजी गई। बाद में हालात देखकर आसपास के केंद्रों से करीब 34 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। पुलिस, दमकल विभाग, सिविल डिफेंस व अन्य लोगों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मेन रोड से अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा था। इसकी वजह से बचाव कार्य में खासी दिक्कत हुई। धुंआ अधिक होने के कारण दमकलकर्मी बिल्डिंग में अंदर नही दाखिल हो पा रहे थे। किसी तरह एक घंटे बाद छत के दरवाजे और मेन गेट को बाहर से तोड़कर अंदर घुसा जा सका। इसके बाद धीरे-धीरे हताहतों को बाहर निकाला गया। घायलों को लेडी हार्डिंग, एलएनजेपी, आरएमएल व बाड़ा हिन्दूराव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 43 को मृत घोषित कर दिया गया। 17 लोगों का इलाज जारी है। सूचना मिलते ही क्राइम टीम के अलावा एफएसएल, एनडीआरएफ व अन्य टीमें मौके पर पहुंच गई। दोपहर तक कूलिंग का काम जारी था। मामले की छानबीन चल रही है।
सुबह 5.22 बजे आग की सूचना मिली थी, पुलिस के अलावा दमकल की 34 गाड़ियां मौके पर पहुंची। बिल्डिंग से कुल 60 लोगों को रेस्क्यू कराया गया, जिसमें 43 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, बाकियों का इलाज जारी है, ज्यादातर मौतें धुंए की वजह से दम घुटने से हुई है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल घटनास्थल पर पहुंचे
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने जताई संवेदना
हादसे के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत देश के दूसरे नेताओं ने अफसोस जाहिर किया। वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अनुराग ठाकुर, भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी व संसद मीनाक्षी लेखी समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
बिहार के मृतक मजदूरों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
घटना में मरने वालों में से ज्यादातर मजदूर यूपी-बिहार के थे, इसलिए बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने भी मुआवजे का एलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के मृतक मजदूरों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी।
पीएम कोष से भी दो- दो लाख की सहायता
घटना में मरने वालों और घायलों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मुआवजा राशि देने का एलान किया गया है। मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी।
भाजपा देगी आर्थिक सहायता
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक कुछ नहीं बोलूंगा। हरदीप सिंह पुरी ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की।
केजरीवाल ने 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटनास्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। केजरीवाल ने इस घटना में झुलसे लोगों के लिए एक लाख रुपये मुआवजा राशि की घोषणा की है। केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार दोषी को नहीं छोड़ेगी और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। केजरीवाल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं।
दिल्ली सरकार ने अनाज मंडी क्षेत्र की एक फैक्ट्री में रविवार को लगी आग की घटना में जांच के आदेश देते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने जिला मजिस्ट्रेट (मध्य) को जांच करने और सात दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।