फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CCTV में कैद हो गए सुजीत और सोचित: नौकरी पर जाने के लिए थी गाड़ी की जरूरत, जीजा-साले ने चुराई स्कूटी

Sun, 07 Jan 2024 07:10 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने उसके निशानदेही पर सोचित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्कूटी बरामद कर ली। सोचित ने बताया कि वह नरेला अनाज मंडी स्थित एक दुकान में मुनीम का काम करता है और उसका साला सुजीत गोयला गांव स्थित एक दूध की डेयरी में काम करता है।
विज्ञापन
जीजा और साले ने चोरी की स्कूटी - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काम पर जाने के लिए वाहन की जरूरत होने पर जीजा साले की जोड़ी ने एक स्कूटी चोरी कर ली। वारदात को अंजाम देकर भागने के दौरान दोनों सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। फुटेज की मदद से पुलिस ने इनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोयला डेयरी निवासी सुजीत यादव और उसके जीजा नरेला निवासी सोचित कुमार के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने स्कूटी बरामद कर ली है।

विज्ञापन

पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक जनवरी को छावला थाना पुलिस को इलाके से एक स्कूटी चोरी होने की शिकायत मिली। शिकायतकर्ता ने बताया कि किसी अनजान शख्स ने एसटीडी रोड से उनकी स्कूटी चोरी कर ली है। पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया। जिला वाहन चोरी निरोधक शाखा ने मामले की जांच शुरू की। निरीक्षक कमलेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। एक फुटेज में पुलिस ने दो लोगों को स्कूटी चोरी कर भागते देखा। पुलिस टीम ने बदमाशों के भागने की दिशा में सीसीटीवी कैमरों की जांच की।

पुलिस टीम स्थानीय स्तर पर सीसीटीवी कैमरे में कैद बदमाशों की पहचान करने में जुट गई। पुलिस को सूचना मिली कि गोयला डेयरी निवासी सुजीत स्कूटी चोरी में शामिल है। पांच जनवरी को पुलिस ने सुजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने गुनाह कबूल कर लिया। 
विज्ञापन

उसने बताया कि अपने जीजा कुरेनी गांव नरेला निवासी सोचित कुमार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने उसके निशानदेही पर सोचित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्कूटी बरामद कर ली। सोचित ने बताया कि वह नरेला अनाज मंडी स्थित एक दुकान में मुनीम का काम करता है और उसका साला सुजीत गोयला गांव स्थित एक दूध की डेयरी में काम करता है। 31 दिसंबर को वह साले के घर गया था। उसे काम पर जाने के लिए एक वाहन की जरूरत थी, लेकिन वाहन खरीदने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। इसलिए उन लोगों ने योजना बनाकर स्कूटी चुरा ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें