गाजियाबाद में कमला नेहरूनगर स्थित 8 वीं एनडीआरएफ बटालियन जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेस्क्यू टीमों का हिस्सा बनने जा रही है।
स्विट्जरलैंड का चार सदस्यीय ट्रेनिंग दल एक साल में छह बार भारत आकर गाजियाबाद में एनडीआरएफ के 106 जवानों को ट्रेनिंग दे चुका है। ट्रेनिंग पूरी होने पर यूनाइटेट नेशन की कसौटी पर खरा उतरने के बाद वर्ष 2015-16 में टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
यूनाइटेड नेशन का सर्टिफिकेट मिलने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेस्क्यू टीम में शामिल होने के साथ ही विश्व के किसी कोने में आपदा की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जाने में टीम को न किसी वीजा की समस्या होगी और न ही एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन की।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन पर जाने के दौरान भारत सरकार विदेश मंत्रालय टीम का पूरा खर्च वहन करेगा। एनडीआरएफ आठवीं बटालियन के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विश्व के किसी देश पर आपदा की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेस्क्यू टीमों का गठन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि भारत के पड़ोसी देश चीन, सिंगापुर और कतर सहित 32 देशी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेस्क्यू टीमें हैं। आपदा के दौरान विश्व के भर के किसी भी प्रभावित क्षेत्र में मदद पहुंचाने की जिम्मेदारी रेस्क्यू टीम की होती है।
वर्ष 2011 में जापान में आई सूनामी के दौरान भी 8वीं एनडीआरएफ टीम खाद्य मदद लेकर पहुंची थी। सभी मानक पूरे करने टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिलता है।
उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड की टीम अब तक गाजियाबाद आकर उनके जवानों को छह बार ट्रेनिंग दे चुकी है। इसी कड़ी में सातवीं ट्रेनिंग के लिए स्विट्जरलैंड के प्रशिक्षक 10 अगस्त को गाजियाबाद आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीम में यह होंगे शामिल:
10 राजपत्रित अधिकारी, 5 डॉक्टर, 12 पैरामिल्ट्री जवान, 2 इंजीनियर, 8 डॉग स्क्वायड सहित 106 जवानों की पिछले एक साल से ट्रेनिंग चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम से सभी मानक पूरे होते ही वर्ष 2015-16 तक एनडीआरएफ को अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेस्क्यू टीम का यूएन स्तर पर सर्टिफिकेट मिल जाएगा। यह टीम देश की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेस्क्यू टीम में शुमार हो जाएगी।