2:10 PM: योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने आप नेताओं के लगाए आरोपों का जवाब दिया। इसमें जम्मू, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा आदि राज्यों से आए लोग मौजूद हैं।
योगेंद्र का कहना है कि हमने कहा था कि हम कीचड़ भरी राजनीति से अलग राजनीति देंगे लेकिन आज जिस तरह का नाटक राष्ट्रीय परिषद की बैठक में हुआ वह बेहद शर्मनाक है।
योगेंद्र बोले कि हमने कल चिट्ठी लिखी थी जिसमें हमने लिखा था कि बैठक सुचारु रूप से चले, गोपनीय मतदान हो, सबकुछ अच्छे से हो ये चाहते थे, पर ऐसा कुछ न हुआ।
कल शाम को एक कार्यकर्ता को बताया कि जिले के संयोजक पद से उसे हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने मीटिंग में आरोपों की झड़ी लगा दी। अरविंद केजरीवाल ने हम पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम कार्यकर्ताओं को भड़का रहे थे।
इस दौरान कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे और अरविंद खड़े होकर देख रहे थे। मैं अरविंद और मनीष के पास गया और कहा कि देखिए परिषद के सदस्य इन्हें मार रहे हैं और अरविंद देखते रहे।
'मनीष सिसोदिया ने जबरन कराई वोटिंग'
योगेंद्र ने कहा कि दो बाउंसर आए और रमजान चौधरी को घसीट कर ले गए और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान अरविंद बैठक की जिम्मेदारी गोपाल राय को सौंप कर चले गए।
इसी बीच मनीष सिसोदिया आगे गए और वोटिंग कराने लगे। तब योगेंद्र ने कहा कि कम से कम इन्हें चर्चा का तो समय दीजिए लेकिन वह नहीं माने। इस पर योगेंद्र और प्रशांत बाहर आ गए।
उन्होंने कहा कि लोगों को बाहर आने से रोका जा रहा था। पार्टी स्वराज के नारे के साथ आई थी लेकिन आज जो कुछ हुआ वह अच्छा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज हमने वाकई बहुत छोटा काम किया है पर हम इतने छोटे नहीं हैं।
'लात मारने की बात को आज दिया अंजाम'
नेशनल काउंसिल में हुए हंगामें के बारे में प्रशांत भूषण ने बताया कि पार्टी के सभी विधायकों से कहा गया था कि वह अपने साथ 50 विधायकों को लेकर आएं। जबकि हमने पहले ही मांग की थी कि मीटिंग की विडियोग्राफी कराई जाए और गुप्त मतदान के माध्यम से फैसला लिया जाए।
प्रशांत भूषण ने कहा कि कल अरविंद केजरीवाल का टेप आया था जिसमें कहा गया था कि कोई और पार्टी होती तो लात मार कर निकाल दिए जाते। असल में आज मीटिंग में बिल्कुल वैसा ही किया गया।
प्रशांत ने आप के आंतरिक लोकपाल एडमिरल रामदास पर हमला करते हुए कहा कि इस दौरान रामदास को मैसेज आया जिसमें कहा गया कि हमारी वजह से पार्टी में विरोध हो रहा है।
हालांकि प्रशांत भूषण ने कहा कि आज मीटिंग में जो कुछ हुआ वह असंवैधानिक और गैरकानूनी है। इस प्रक्रिया को चुनौति देना है या नहीं यह फैसला अभी नहीं हुआ है।
'आप' बोली नहीं हुई मारपीट
आप ने अपना अधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि परिषद में 311 लोग मौजूद थे। परिषद की बैठक में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अजीत झा और को राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में उपस्शित कुल लोगों में से से 247 लोगों ने प्रस्ताव के पक्ष में हाथ उठाकर वोट डाले वहीं 8 लोगों ने इसके विपक्ष में अपना मत दिया। जबकि 54 लोगों का इसपर कोई मत नहीं था।
जब पार्टी से पूछा गया कि क्या बैठक में मारपीट हुई तो संजय सिंह ने कहा कि कोई भी मारपीट नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पद से निकाला गया है वो राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अब भी हैं। और बैठक अब भी चल रही है वह इसमें भाग ले सकते हैं।
बाउंसरों ने की पिटाई
योगेंद्र यादव ने मीटिंग से बाहर आकर कहा है कि बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई है। मीटिंग के दौरान बाउंसरों ने की मारपीट की है। पूरी मीटिंग के दौरान केजरीवाल के समर्थकों ने नारेबाजी जारी रखी।
प्राशांत ने बोला है कि यहां फर्जी मीटिंग चलाई गई है और ऐसे गुंडे लोगों को लाया गया जो अंदर लोगों को पीट रहे थे। जवाब नहीं देने दे रहे थे।
बता दें कि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अजित झा और प्रोफेसर आनंद को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाल दिया गया है। योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण केजरीवाल के बैठक से निकलने के ठीक दस मिनट बाद बाहर आ गए।
बाहर आकर उन्होंने केजरीवाल कैंप पर आरोप लगाया है कि मैं बहुत दुखी हूं कि डेमोक्रेसी की आज यहां डेमोक्रेसी की हत्या हुई है। गौरतलब है कि इस बीच केजरीवाल के जाने के बाद गोपाल राय ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता की जहां कुल 23 वोट योगेंद्र-प्रशांत के पक्ष में पड़े वहीं 200 वोट इनके विपक्ष में पड़े।
रमजान चौधरी की हुई पिटाई
योगेंद्र यादव ने बताया कि बैठक में लोग उनके और प्रशांत भूषण के खिलाफ नारे लगा रहे थे। योगेंद्र ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने गोपाल राय को बैठक का अध्यक्ष बनाया तब उन्होंने आपत्ति जताई कि इस पर बहस होनी चाहिए पर इसे नहीं सुना गया।
वहीं प्रशांत भूषण ने कहा कि गुंडागिरी हुई है। हमारे लोगों को पीटा गया। जो अरविंद ने कल स्टिंग में जो कहा वही हुआ। उनका कहना है कि ये षड्यंत्र था, पहले से ही नियोजित है। भूषण ने कहा कि बैठक में कोई भी निष्पक्ष नहीं था, लोकपाल भी नहीं था।
हमारी आवाजें दबाई गई, हमें जवाब देने का अवसर भी नहीं मिला। इसके साथ ही बाउंसरों द्वारा पिटने वाले रमजान चौधरी ने बोला कि वह केवल इतना कह रहे थे कि सबकी बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन बाउंसरों ने उन्हें खीच कर बाहर निकाल दिया और उन्हें पीटा गया और धक्का दे दिया गया।
'आप' से बाहर होंगे प्रशांत-योगेंद्र
आप के सूत्रों के अनुसार पार्टी प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कमेटी में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए शिकायत दर्ज करेगी। अगर दोनों नेता दोषी पाए जाते हैं तो इन्हें पार्टी से भी बाहर किया जा सकता है।
वहीं बैठक से बाहर आकर प्रशांत भूषण ने ये भी कहा कि अरविंद ने स्टिंग में जो कहा था कि इन्हें लात मार के निकाल देना चाहिए आज बैठक में बिल्कुल वही हुआ है। योगेंद्र बोले कि सिर्फ हंगामा हुआ है, धक्का मुक्की हुई है, बोगस वोटिंग हुई है और कुछ नहीं हुआ है। यहां सभी प्रक्रियाओं का मजाक बना दिया गया है।
योगेंद्र ने बताया कि कुछ वॉलेंटियर्स को तो बाहर आने भी नहीं दिया जा रहा था। यादव ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से माफी भी मांगी। वहां कुछ वीडियो कैमरा लगे थे जिनमें कुछ रिकॉर्ड हुआ होगा ये यादव को उम्मीद है।
वहीं धरमवीर गांधी ने बताया कि 'ये गुंदागिरी थी। ये वो पार्टी नहीं है जिसके लिए वो काम करते हैं, यहां वोटिंग भी नहीं हुई।' आनंद कुमार भी बैठक से बाहर आ गए और उन्होंने अब भी अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि ना तोड़ेंगे, ना छोड़ेंगे, सुधरेंगे और सुधारेंगे। कुछ ही देर में आप की राष्ट्रीय परिषद मडिया में अपना बयान देगी।
धरने से उठे योगेंद्र
योगेंद्र यादव अब अपने धरने से उठकर अंदर बैठक में चले गए हैं। उन्होंने कहा कि वह काफी देर से इसलिए बाहर खड़े थे क्योंकि कई लोगों के पास बैठक का न्यौता होने के बाद भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि अब उनके कहने पर कई लोगों को अंदर जाने दिया गया इसलिए वह अब बैठक में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं। योगेंद्र आगे बोले कि अगर हो सका तो वह अंदर जाकर बाहर बचे लोगों को बुलाने की मांग रखेंगे।
धरने पर बैठे योगेंद्र
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक शुरू हो चुकी है लेकिन योगेंद्र यादव अब भी बैठक स्थल के बाहर धरने पर बैठे हैं। वह उन सदस्यों के साथ धरने पर बैठे हैं जिन्हें मीटिंग में जाने से रोक दिया गया है। प्रो. आनंद कुमार से पूछने पर उन्होंने बताया कि अंदर जाने के लिए एक सिस्टम है उसके अनुसार ही वो अंदर जाएंगे।
बैठक के कार्यक्रम के अनुसार केजरीवाल 11:30 बजे अपने संबोधन के बाद यहां से चले जाएंगे। वहीं अब से कुछ ही देर पहले प्रशांत भूषण भी राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पहुंच चुके हैं। आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान भी बैठक के लिए पहुंच चुके हैं और उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है उसे पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए।
वहीं केजरीवाल समर्थकों का कहना है कि हमें किसी ने यहां नहीं बुलाया है। हम यहां खुद पार्टी के हित में आए हैं। केजरीवाल भी बैठक के लिए पहुंच चुके हैं। कहा जा रहा है कि केजरीवाल बैठक में सिर्फ एक घंटे रहेंगे।
योगेंद्र के खिलाफ हुई नारेबाजी
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय परिषद की बैठक के लिए केजरीवाल और कुमार विश्वास एक साथ निकले हैं। वहीं मनीष सिसोदिया बैठक के लिए पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी यहां पहुंच चुके हैं।
भारी संख्या में बैठक स्थल पर केजरीवाल और योगेंद्र-प्रशांत समर्थक मौजूद हैं। केजरीवाल समर्थक योगेंद्र-प्रशांत के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। वह उन्हें गद्दार कहकर पार्टी से बाहर करने की भी मांग कर रहे हैं।
योगेंद्र यादव ने उनके खिलाफ हो रही नारेबाजी को लेकर कहा कि क्या एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन इस तरह की नारेबाजी के लिए शुरू हुआ था? यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा है कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन भी आएगा कि मेरे अपने पार्टी के कार्यकर्ता मेरे खिलाफ नारेबाजी करेंगे।
बैठक की होगी वीडियोग्राफी
सूत्रों के अनुसार प्रशांत कैंप की मांग बैठक में मान ली गई है। प्रशांत ने प्रस्ताव रखा था कि मीटिंग की वीडियोग्राफी हो जिसे राष्ट्रीय परिषद ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही दिल्ली के विधायक मीटिंग में वोटिंग नहीं करेंगे ये भी बात राष्ट्रीय परिषद ने मान ली है।
वहीं योगेंद्र यादव के बैठक के लिए पहुंचते ही वहां मौजूद केजरीवाल समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिससे वो काफी निराश दिखे। योगेंद्र ने बताया कि उन्हें पार्टी के लोकपाल एडमिरल रामदास का पत्र मिला है जिसमें उन्होंने बताया है कि उन्हें बैठक में आने से मना कर दिया गया है।
योगेंद्र को सुलह की उम्मीद
उन्होंने कहा कि, 'आज एक महत्वपूर्ण दिन है, जिस राष्ट्रीय आंदोलन से आप का जन्म हुआ था वो आज निर्धारित होगा। आज एक ऐसा दिन है जब देश में हुए एक खास आंदोलन का भविष्य तय होगा।'
योगेंद्र यादव ने आगे कहा कि हमें पूरे देश से हजारों वॉलेंटियर्स के संदेश और सुझाव मिले हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इन सभी वॉलेंटियरों के सुझाव और शुभकामनाएं बर्बाद नहीं जाएंगी।
आप को बनाने का जो आइडिया है वह उसके सांगठनिक ढांचे से कहीं ज्यादा बड़ा
और पाक है। वहीं संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए वो आम
आदमी पार्टी के टूट से इंकार नहीं कर सकते।
सुबह 10 बजे से होगी बैठक
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक आज कापसहेड़ा स्थित कार्यालय में होने वाली है। पार्टी बनी रहेगी या बिखर जाएगी इसका फैसला इसी बैठक में होगा। माना जा रहा है कि इस बैठक में आज काफी हंगामा हो सकता है।
माना जा रहा है कि कल दिन भर हुए भारी घमासान के बाद आज योगेंद्र और प्रशांत की राष्ट्रीय परिषद से छुट्टी हो सकती है। गौरतलब है कि बैठक के लिए पार्टी के सदस्य कापसहेड़ा पहुंचने शुरू हो गए हैं।
भले ही केजरीवाल के कल के स्टिंग के बाद जानकार, दोनों नेताओं की पार्टी से छुट्टी तय मान रहे हों लेकिन बैठक शुरू होने से पहले योगेंद्र यादव ने सबकुछ ठीक होने की उम्मीद जताई है।
'आप' ने कहा नहीं हुई मारपीट
आप नेता आशीष खेतान से जब पूछा गया कि क्या बैठक में मारपीट हुई है तो इसपर उन्होंने कहा कि थोड़ी-बहुत नारेबाजी जरूर हुई है लेकिन मारपीट नहीं हुई है।
उनका कहना है कि दोनों अपनी शर्त पर अड़े थे और दोनों नेताओं ने बैठक में ड्रामा किया। उन्होंने ये भी बोला कि बैठक में कैमरे लगे थे जो सारी सच्चाई सामने लाएंगे। इसी बीच आनंद कुमार ने कहा कि अब उन्हें लग रहा है कि दिलों में दूरियां हो गईं हैं।