पुलिस ने घटना को लेकर लापरवाही से हुई मौत और गैर इरादतन हत्या का भी मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने फैक्टरी को सील कर दिया है। इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि फैक्टरी मालिक दिल्ली में मौजूद नहीं है। पुलिस ने मालिक को नोटिस जारी कर तफ्तीश में शामिल होने के लिए कहा है। वहीं घटना में घायल सूरज की हालत गंभीर बनी हुई है और वह अभी बयान देने के हालत में नहीं है।
जांच में पता चला है कि इस इमारत में पांच साल से पान मसाला की फैक्टरी चल रही है। इससे पहले यहां कार का शोरूम था। बताया जा रहा है कि शोरूम रहने के दौरान ही इमारत में लिफ्ट लगाई गई थी। काफी समय से इसकी देखरेख नहीं हो रही थी। लेकिन लिफ्ट को बंद करने के बजाए इसका इस्तेमाल किया जा रहा था। लिफ्ट खराब होने के बावजूद यहां काम करने वाले कर्मचारी इसका इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लिफ्ट के इस्तेमाल को रोका क्यों नहीं गया था और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।
चौथी मंजिल पर सफाई के लिए जा रहे थे कर्मचारी
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि आठ कर्मचारी सफाई करने के लिए चौथी मंजिल पर जा रहे थे। चार कर्मचारी सीढ़ी से ऊपर गए, जबकि कुलवंत, दीपक, सन्नी व सूरज ने लिफ्ट के जरिए चौथी मंजिल पर जा रहे थे। तीसरी मंजिल पर पहुंचते ही लिफ्ट की तार टूट गई। इसके बाद लिफ्ट बेसमेंट में जा गिरी। सीढि़यों से ऊपर जा रहे कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि लिफ्ट के गिरते ही जोरदार धमाका हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि सभी डर गए और नीचे की ओर भागे। नीचे पहुंचने पर पता चला कि लिफ्ट टूट कर गिरी है। इसके बाद सभी ने शोर मचाया और घायलों को लिफ्ट से निकालने की कोशिश करने लगे।
ठेके पर काम कर रहे थे कर्मचारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिन कर्मचारियों की मौत हुई है वह ठेके पर काम कर रहे थे। सभी फैक्टरी के हाउस कीपिंग विभाग से जुड़े थे। सभी कर्मचारी एक निजी कंपनी के जरिए यहां काम कर रहे थे।
क्षेत्रीय विधायक पहुंचे
घटना के बाद क्षेत्र के विधायक दुर्गेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित पक्ष से मुलाकात कर घटना को लेकर पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पीड़ित पक्ष को केस लड़ने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से वकील मुहैया करवाई जाएगी।