बोल बम-बोल बम के जयकारों के बीच मुस्लिम समुदाय के लोग गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों को खाद्य सामग्री वितरित करने में लगे हैं। कांवड़ियों ने भी मुस्लिस समाज की इस पहल को अभूतपूर्व बताया। कावंड़ियों की मानें तो एक ओर जहां हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच खाई बनाई जाती है ऐसे में मुस्लिम समाज की यह पहल काबिल-ए-तारीफ है।
हाजी अलीन खान ने कहा कि जिस तरह शहर में नमाज पढ़ने को लेकर और जबरदस्ती दाढ़ी कटवाने की घटनाओं से माहौल खराब किया जा रहा है, उस खटास को दूर करने व आपसी भाईचारा बरकरार रखने के लिए यह शिविर आयोजित किया गया था।
वहीं शिविर में मौजूद असन अली की मानें तो वह खुद भी 2005 में हरिद्वार से कांवड़ ला चुके हैं। शीतला कॉलोनी स्थित मस्जिद के इमाम मोहम्मद मुस्तकीन, ईदगाह मस्जिद के इमाम फारुख सहित शाह मोहम्मद, आसिफ अली, इमराम खान जिसान खान, मोहम्मद अहसान सहित अन्य लोग भी कांवड़ शिविर में शामिल रहे।