प्राधिकरण के मुताबिक पांच सितारा होटल या बड़े मॉल बनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर जमीन होना जरूरी है। वैसे भी जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के चलते यमुना एक्सप्रेसवे पर ही होटल या बड़े मॉल बनाने की जरूरत है। इनके बनने से यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने वालों को देखने में भी अच्छा लगेगा। इससे यमुना की छवि और बेहतर होगी।
अगले माह आएगी होटलों की योजना
यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच सितारा होटलों व बड़े मॉल की योजना अगले माह आएगी। योजना में 10-10 एकड़ के पांच फाइव स्टार होटल व कुछ मॉल शामिल किए जाएंगे। ये प्लॉट सेक्टर 18, 20, 22डी, 24, 33, 32, 28 व 29 में स्थित हैं।
बिड सिस्टम से इनका आवंटन होगा। प्राधिकरण का मानना है, कि एयरपोर्ट बनने से तमाम औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इस क्षेत्र में बड़ी तादाद में कारोबारी आएंगे। उनके ठहरने का विकल्प होना चाहिए। इस लिहाज से यह स्कीम जरूरी है।
मास्टर प्लान 2021 के मुताबिक अब तक करीब 12 हजार हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। इसमें व्यावसायिक भूखंडों का प्रतिशत निर्धारित है। सेक्टर के अंदर स्थित भूखंडों को यमुना एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट करने से मास्टर प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि जमीन का अनुपात पूर्ववत रहेगा। इसलिए इन प्लॉटों को शिफ्ट करने में कोई दिक्कत नहीं है। प्लॉटों को शिफ्ट कर जल्द ही स्कीम लाई जाएगी। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण