एमएमआई से यात्रियों को सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से बस, मेट्रो, टैक्सी सहित सभी परिवहन विकल्पों के इस्तेमाल की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं यात्रियों को वाहन पार्क करने में आने वाली परेशानी भी दूर होगी।
दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो के 69 स्टेशनों में मल्टी मॉडल इंटिग्रेशन सिस्टम (एमएमआई) लागू हो गया है। फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी मोड के तहत यह सेवा शुरू की गई है। ऐसे में यात्रियों को अब मेट्रो स्टेशन से निकलने के बाद बस, ऑटो, कैब व ई-रिक्शा सेवा के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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एमएमआई से यात्रियों को सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से बस, मेट्रो, टैक्सी सहित सभी परिवहन विकल्पों के इस्तेमाल की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं यात्रियों को वाहन पार्क करने में आने वाली परेशानी भी दूर होगी।
मेट्रो स्टेशन के नीचे व आसपास बेतरतीब खड़े वाहनों को लेन में नियंत्रित किया जाएगा। इसके लिए सभी वाहनों के लिए अलग पार्किंग लेन बनाई गई हैं। ऐसे में यात्री घर से मेट्रो स्टेशन तक का सफर आसानी से कर सकते हैं। वहीं, मेट्रो स्टेशन से निकलते ही बस, कैब व मेट्रो फीडर बस की सुविधा ले सकते हैं। इससे उनका समय में भी बचेगा।
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तीन सौ मीटर में मिलेगी बस-ऑटो की सुविधा
एमएमआई के तहत मेट्रो स्टेशन के आसपास 300 मीटर के दायरे में बस स्टैंड, ऑटो और ई-रिक्शा से इंटीग्रेट किया गया है। इसमें ई-वाहनों के चार्जिंग प्वाइंट, अप्रोच रोड, पैदल यात्रियों के फुटपाथ और पार्किंग क्षेत्र भी शामिल है। इनमें 59 मेट्रो स्टेशन में तो यह सुविधा पहले लागू हो गई थी, लेकिन अब इनका पूरी तरह संचालन शुरू किया गया है। वहीं, 10 मेट्रो स्टेशनों को ट्रांसपोर्ट हब बनाया गया है। उनमें फेज एक और फेज दो के जनकपुरी ईस्ट, उत्तम नगर वेस्ट, द्वारका मोड़, नेहरू प्लेस, नवादा, शाहदरा, शास्त्री पार्क, शास्त्री नगर, जहांगीरपुरी और करोलबाग मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। नेहरू प्लेस व शाहदरा मेट्रो स्टेशन पर कार्य चल रहा है। इनमें इस साल नवंबर तक कार्य पूरा किए जाने की उम्मीद है।