राजनैतिक खींचतान और प्रशासनिक उठापटक के बाद आखिरकार हालात को देखते हुए इकलाख का परिवार बुधवार को धौला कुआं दिल्ली स्थित एयरफोर्स कॉलोनी में शिफ्ट हो गया।
इकलाख की मां असगरी और बेटी शाइस्ता के साथ पत्नी इकरामन ने बिसाहड़ा का अपना घर छोड़ दिया। भाई अफजाल भी दादरी चले आए हैं और जमील का परिवार लोनी में है।
वहीं, चौथा भाई जान मोहम्मद पहले से दादरी में है। 28 सितंबर को प्रतिबंधित पशु की हत्या के संदेह में बिसाहड़ा गांव में उपद्रव हुआ। घटना में इकलाख की मौत हो गई।