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नशेड़ी पति ने बच्चे के लिए दूध लाने से किया इनकार तो फंदे पर लटकी महिला

Mon, 10 Jul 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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suicide
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भूख से बिलख रहे बच्चे को एक महिला रोता हुआ नहीं देख पाई, उसने नशेड़ी पति को दूध लाने के लिए कहा लेकिन उसने इंकार कर दिया। इसके चलते महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू की लेकिन परिजनों के मामले में तहरीर नहीं देने पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।   
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नॉलेज पार्क थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि मूलरूप से कन्नौज के शौरीक गांव निवासी रीना पति के साथ तुगलपुर में किराये पर कमरा लेकर रहती थी। रीना का पति उदल मेहनत मजदूरी करता था लेकिन अपनी कमाई शराब में उड़ा देता था। इससे महिला बेहद परेशान थी। महिला के साढ़े पांच साल की बड़ी बेटी और दो छोटे बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा सात माह का है। रीना ने शनिवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

पुलिस ने पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की तो पता चला कि महिला अपने पति के बच्चों के भरण पोषण के लिए रुपये नहीं देने से परेशान रहती थी। इसके चलते उसने अपने पति के पास शराब पीने आने वाले एक अन्य व्यक्ति से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। इसी व्यक्ति से महिला अक्सर बच्चों व घर खर्च के लिए रुपये ले लेती थी। शनिवार शाम रीना का पति उदल व उसका दोस्त घर में शराब पी रहे थे। 
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काफी नशे में होने के बाद उदल के दोस्त ने रीना से कहा कि उसका उससे कोई वास्ता नहीं है, वह अब उसके पास कॉल नहीं करे और न ही रुपयों की मांग करे। उसके जाने के बाद रीना का सात माह का बेटा भूख के कारण रोने लगा। रीना ने पति से दूध लाने के लिए कहा लेकिन उसने रुपये नहीं होने की बात कहकर मना कर दिया। बेटे का रोना व पति व उसके दोस्त की बेरुखी से परेशान होकर रीना ने खुदकुशी कर जान गंवा दी।       

कई घंटे तक लटका रहा पीड़िता का शव       
तुगलपुर के लोगों का कहना है कि रीना के खुदकुशी करने की जानकारी देने के बावजूद उसका शव कई घंटे तक फंदे पर लटका रहा। पुलिस कार्रवाई के नाम पर टाल मटौल करती रही। इससे लोगों में गुस्सा था। इस संबंध में सीओ अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि लेडी कांस्टेबल के आने और महिला के विवाह के वर्ष पता लगाने में कुछ समय लगा। इसके चलते शव उतारने में देरी हुई। क्योंकि नियमानुसार सात वर्ष तक विवाह के मामले में मजिस्ट्रेट जांच होती है। जब महिला के विवाह को 8 वर्ष होने की पुष्टि हुई तो तुरंत कार्रवाई कर दी गई। 
      
पति के खर्च न देने से परेशान थी       
थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला पति के खर्च न देने से परेशान थी। पति और उसके दोस्त ने शनिवार को घर में ही शराब पी थी। इसके बाद पति के दोस्त ने उससे बात न करने की बात कही। इसके बाद बच्चे के लिए दूध मांगने पर उसके पति ने भी इंकार कर दिया। भूख के कारण बच्चे के रोने आदि कारणों से परेशान होकर महिला ने खुदकुशी कर ली।        
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