दिल्ली में एक आशियाने की चाहत रखने वाले कई लोग जालसाजों के चुंगल में फंसे। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस वर्ष सबसे ज्यादा 198 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनमें से अधिकतर वे हैं जिन्होंने सस्ते दामों पर मकान देने के नाम पर लोगों के साथ जालसाजी की। दूसरा, अधिक पैसे कमाने का प्रलोभन भी जालसाजों के चुंगल में फंसने का कारण बना।
आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में सबसे ज्यादा वो लोग ठगी के शिकार हुए हैं जो दिल्ली में अपना एक मकान चाहते थे। इस वर्ष सबसे ज्यादा मकान खरीदने वाले ठगी के शिकार हुए। जालसाजों व बिल्डरों ने लोगों को सस्ते में आधुनिक सुविधाओं से लैस मकान देने का आकर्षक ऑफर दिया। उन्होंने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने लैंड पुलिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की।
डीडीए तो अभी तक ये पॉलिसी नहीं लाई, मगर जालसाजों ने लैंड पुलिंग पॉलिसी से मिलती-जुलती वेबसाइट, सोसाइटी व डीडीए द्वारा स्वीकृति आदि का नाम लेकर बिल्डर व जालसाजों ने लोगों से पैसे लेने शुरू कर दिए। लोगों को द्वारका एक्सप्रेस वे व ग्रेटर नोएडा और जयपुर हाईवे समेत अन्य अच्छी लोकेशन पर सोसाइटी बनाने का झांसा दिया गया। लोगों के मकान देने के बाद पर ठगी करने वाले बिल्डरों के पास न जमीन थी और न ही कोई प्लान था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसके अलावा लोगों ने अधिक पैसा कमाने की लालच में जालसाजों द्वारा जारी फर्जी योजनाओं में पैसा निवेश किया। हेलो टैक्सी व बाइक बोट जैसी स्कीम में हजारों लोगों ने निवेश किए। बाइक बोट में मामले में लोगों से 4200 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में ईडी ने भी मामला दर्ज किया है। इस मामले में अभी तक करीब 60 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा लोगों ने दो से तीन महीने में पैसा दोगुना करके देने वाली फर्जी स्कीम में भी पैसा इंवेस्ट किया था।
इस वर्ष सबसे ज्यादा जालसाज गिरफ्तार हुए-
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि इस वर्ष यानि वर्ष 2020 में एक जनवरी से लेकर चार दिसंबर तक 198 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2019 में 192, वर्ष 2018 में 144 और वर्ष 2017 में 133 जालसाज गिरफ्तार किए गए थे। उन्होंने बताया कि लोगों के साथ ठगी करने वाले लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की हिदायतें दी गई हैं।
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वर्ष मामले दर्ज मामले खत्म गिरफ्तार
2017 286 139 133
2018 493 238 144
2019 392 269 192
2020 243 239 198
वर्ष 2004 के केसों में भी गिरफ्तारी की है
संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष पुराने केसों को भी निपटाया गया है। वर्ष 2004 के एक केस में जांच पूरी की गई है और जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह 2005 के दो ,2006, 07, 09 और 10 के एक-एक केस, वर्ष 2011 के आठ, 2002 के तीन, 2013 के आठ, 2014 के दो और वर्ष 2015 के 20 केसों की जांच पूरी की गई है। ये केस कई सालों से पड़े थे। ये चार दिसंबर, 20 तक के आंकड़े हैं।
एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की जांच ईओडब्ल्यू करती है
ईओडब्ल्यू के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि ईओडब्ल्यू ठगी के मामले में ठगी की रकम एक करोड़ या उससे ज्यादा हो तभी जांच करती है। एक करोड़ से ज्यादा की रकम होने पर केस को ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया जाता है। ठगी की रकम एक करोड़ से कम होती है तो स्थानीय थाना पुलिस ही जांच कर रही है। ईओडब्ल्यू में एक जनवरी, 20 तक 385 शिकायत पड़ी थीं। चार दिसंबर, 20 तक 558 शिकायतों को निपटारा किया गया। वर्ष 2020 में चार दिसंबर तक ईओडब्ल्यू में कुल 558 शिकायतें आई थीं। इस वर्ष व पिछले वर्षों की शिकायतों/एफआईआर को मिलकर कुल 752 केसों को निपटारा किया गया।