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निशाने पर केवल 12वीं पास युवा!: ऐसा लालच देकर 1000 से अधिक छात्रों से ठगे रुपये; पुलिस ने गैंग का किया खुलासा

Wed, 16 Oct 2024 11:12 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा

सार

गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद रिजवान आलम है जो मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है। पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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देश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर 1000 से अधिक छात्रों के साथ ठगी करने वाले एक गिरोह का नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों को कॉल कर दाखिले के साथ शत प्रतिशत स्कॉलरशिप देने का झांसा देते थे। पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

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नोएडा के डीसीपी रामबदन सिंह का कहना है कि कोतवाली एक्सप्रेसवे पुलिस की टीम ने थाना क्षेत्र के एबीसी बिल्डिंग में चल रहे ठगी के दफ्तर का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आश्रम नई दिल्ली निवासी मोहम्मद रिजवान आलम और नॉलेज पार्क नोएडा निवासी चिरंजीव राय के रूप में हुई है। 

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पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि ये लोग 12वीं पास छात्रों को देश के नामी गिरामी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलवाने का झांसा देते थे। इसके लिए इन लोगों ने एक फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी। इस वेबसाइट पर विज्ञापन दिया जाता था कि इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाकर उन्हें पूरी स्कॉलरशिप दिलवाई जाएगी। 

इसके बाद छात्र इनके झांसे में आ जाते थे और ये लोग पहले रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 15 हजार रुपए फिर काउंसलिंग के नाम पर 10 हजार रुपए ले लेते थे। बाद में कई अन्य शुल्क के रूप में लाखों रुपए वसूल लेते थे। इसके बाद छात्रों से संपर्क तोड़ लिया जाता था। डीसीपी ने बताया कि इन आरोपियों के पास से 1000 से अधिक छात्रों की ठगी की जानकारी मिली है।  पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

70 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों के लिए ऑफर
गिरफ्तार जालसाजों ने पूछताछ में बताया कि ये लोग ठगी के लिए कई तरह के ऑफर छात्रों को देते थे। इसमें सबसे पहले और आकर्षक ऑफर के तौर पर बताते थे कि जिन छात्रों का 90 फ़ीसदी से अधिक अंक हैं।  उनका 4 साल तक इंजीनियरिंग कॉलेज का फीस स्कॉलरशिप के माध्यम से दिया जाएगा। इस कारण सबसे अधिक छात्र इनके झांसे में आ जाते थे। वही 80 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों को एक साल तक का फीस स्कॉलरशिप द्वारा भरे जाने का झांसा दिया जाता था और 70 से 80 फ़ीसदी अंक वाले छात्रों को लैपटॉप देने का झांसा देते थे।

मास्टरमाइंड है इंजीनियर
एडीसीपी मनीष मिश्रा ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद रिजवान आलम है जो मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपी बीटेक किया हुआ है और इसने कई कंपनियों में नौकरी भी की है। पिछले कई सालों से वह इस धंधे में उतर गया और लगातार छात्रों के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा है।

चेन्नई टू नोएडा वाया जयपुर
एसीपी ट्ïिवंकल जैन ने बताया कि आरोपियों का यह गैंग वर्ष 2012 से सक्रिय है और सबसे पहले इन लोगों ने चेन्नई में ठगी का दफ्तर खोला था और वहां सैकड़ो छात्रों के साथ ठगी की थी। इसके बाद इस गिरोह का ठिकाना बदल गया और जयपुर शिफ्ट हो गया। जयपुर में कुछ सालों तक ठगी करने के बाद यह लोग पिछले 2 साल से नोएडा में दफ्तर बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस को उनके पास से डिजिटल डेटाबेस मिला है। जिसकी जांच पुलिस की टीम कर रही है।

एक छात्र से 17 लाख वसूले
गिरफ्तार मास्टरमाइंड रिजवान आलम ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर एक छात्रा से 17 लाख रुपए की ठगी की है। ठगी का शिकार छात्र महाराष्टï्र का रहने वाला है और उसने वेबसाइट पर इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला का विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। इसके बाद छात्र इन आरोपियों के झांसे में आ गया और उस इन लोगों ने 17 लाख से अधिक की ठगी कर ली। इस छात्र को एनआईटी में दाखिला दिलाने का विश्वास दिलाया  गया था। यह जाल साज अधिकतर छात्रों से 50 हजार से 2 लाख तक की ठगी करते थे।
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आरोपियों से बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच लैपटॉप, पांच एंड्रॉयड फोन, नौ कीपैड मोबाइल, 32 सिम कार्ड, एक चेक बुक, दो मोहर, छात्रों के कई मोबाइल नंबर, तीन यूनिवर्सिटी के प्रोस्पेक्टस, अपॉइंटमेंट लेटर आदि बरामद किए गए हैं।
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