मंकीपॉक्स के इलाज के लिए केंद्र-दिल्ली सरकार के इकलौते लोक नायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि यह कोरोना संक्रमण से उल्टा है। यानि जिन व्यक्तियों की उम्र अधिक है, उनके संक्रमित होने की संभावनाएं कम हैं। वहीं, कम उम्र वाले लोगों को यह अपनी चपेट में ले सकता है। इसका कारण स्मॉलपॉक्स का टीका लगा नहीं होना है। छोटे बच्चों को इससे संक्रमित होने का खतरा अधिक है। इस वजह से बच्चों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि देशभर में इस बीमारी के चार मामले मिले हैं, जिसमें से तीन केरल और एक मरीज दिल्ली में मिला है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेशक यह तेजी से फैलने वाला रोग है, लेकिन इसमें मृत्युदर बहुत कम है। अफ्रीका में पांच लोगों ने इससे जान गवाई है, जबकि वैश्विक स्तर पर 75 देशों में इसके 16 हजार से अधिक मामले मिले हैं।