सांसद के वकील ने तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी अवैध, दुर्भावनापूर्ण और सत्ता के विरूपण का एक उत्कृष्ट मामला है और इसलिए उन्हें एजेंसी की हिरासत में भेजने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष संजय सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने कहा, धन शोधन निवारण अधिनियम दुरुपयोग का साधन नहीं बन सकता, अगर ऐसी छूट दी जाती है तो कोई भी सुरक्षित नहीं है। यह सत्ता के दुरुपयोग और विकृति का एक उत्कृष्ट मामला है।