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Mobile Network : लुटियन दिल्ली में लगेंगे टावर, नहीं होगी कॉल ड्रॉप की समस्या, नया बनेगा नीति दस्तावेज

Sat, 30 Dec 2023 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इसके लिए नए सिरे से नीतिगत दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसमें मोबाइल उपभोक्ताओं की कॉल ड्राॅप की समस्या खत्म करने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने का प्रावधान होगा। 
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mobile tower - फोटो : istock
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विस्तार
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नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने लुटियन दिल्ली के मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए नए सिरे से नीतिगत दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसमें मोबाइल उपभोक्ताओं की कॉल ड्राॅप की समस्या खत्म करने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने का प्रावधान होगा। 

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वहीं, टावर लगाने की प्रक्रिया भी आसान होगी। संभव है कि एक सर्किल में एक से ज्यादा मोबाइल प्रदाता कंपनियों को टावर लगाने की अनुमति मिल जाए। वहीं, मौजूदा तीन सर्किल की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। 

उधर, नीति तैयार होने से पहले एनडीएमसी ने मौजूदा सेवा प्रदाताओं को अपनी सेवा जारी रखने का तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। तीन सर्किल की कंपनियां 31 मार्च तक अपने टावर लगाए रखेंगी। फिलहाल हर सर्किल में एक कंपनी के पास ही टावर लगाने का प्रावधान है। कंपनियों ने अपने-अपने सर्किल में 52-52 टावर लगा रखे हैं।
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नीति बनने के बाद नए सिरे से निविदा आबंटित की जाएगी। एनडीएमसी अधिकारियों का कहना है कि जल्द नीति तैयार कर ली जाएगी। इसके आधार पर नए सिरे से मोबाइल टावर लगाने की प्रकिया शुरू होगी। एनडीएमसी के अनुसार, नई दिल्ली इलाके को तीन सर्किल में बांटा गया है। हर सर्किल में 52 मोबाइल टावर लगे हैं। इसका जिम्मा दो मोबाइल कंपनियों के पास है।

एक कंपनी दो सर्किल में सेवा दे रही है। टावर लगाने का अनुबंध करीब पौने दो साल पहले खत्म हो गया था। इसके बाद इसे लगातार विस्तार दिया जा रहा है। फिलहाल नीति तैयार हो रही है। 31 मार्च से पहले इसे तैयार कर नए टेंडर आबंटित कर दिए जाएंगे।  

मोती बाग की सड़कों का होगा कायाकल्प
एनडीएमसी ने अपने अधीन मोती बाग इलाके की सड़कों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया है। वह पश्चिम मोती बाग व उत्तर पश्चिम मोती बाग की सड़कोें को नए सिरे से बनाएगी। यह सड़कें आखिरी बार वर्ष 2013 में बनाई गई थी। इन सड़कों की सतह कई स्थानों से उखड़ गई है और गड्ढे भी बन गए हैं। इन सड़कों के पुनर्निर्माण पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च होंगे।


39 पार्किंग चलाने में हाथ खड़े किए
एनडीएमसी ने अपने स्तर पर 39 पार्किंग चलाने में हाथ खड़े कर दिए हैं। वह ये पार्किंग ठेकेदारों को देगी। उसकी 99 पार्किंग पहले ही ठेकेदार चला रहे हैं। एनडीएमसी विभिन्न स्थानों पर अपने कर्मचारियों के माध्यम से 39 पार्किंग चला रही है, लेकिन उसने येे पार्किंग नौ महीने की अवधि के लिए ठेकेदारों को सौंपने का निर्णय लिया है।

बताया जा रहा है कि एनडीएमसी को इन पार्किंग से उम्मीद के मुताबिक राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। इसके अलावा उसे ये पार्किंग चलाने के लिए अपने कर्मचारियों को लगाना पड़ रहा है। लिहाजा उसके लिए ये पार्किंग दोहरे तौर पर घाटे का सौदा हो चुकी है। हालांकि एनडीएमसी राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के मद्देनजर इन पार्किंग में फीस दोगुना वसूल रही है। 

बीएसईएस एक हजार से अधिक कनेक्शनों को देगी सौर ऊर्जा
बीएसईएस अगलेे वित्तीय वर्ष में एक हजार से अधिक कनेक्शनों को सौर ऊर्जा देगी। डिस्कॉम ने शुक्रवार को इस संबंध में निर्देश दिए। अब तक छह हजार प्रतिष्ठानों को सौर ऊर्जा प्रदान कर चुकी है। 
बीएसईएस नेे बताया कि आवासीय, शैक्षणिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों सहित सभी श्रेणियों के उपभोक्ता बड़े पैमाने पर छत पर सौर नेट मीटरिंग के प्रति उत्साहित हैं।

इस कड़ी में सौ से अधिक आवासीय सोसायटियों ने छत पर सौर ऊर्जा का विकल्प चुना है। उपभोक्ता सालाना 110 करोड़ रुपये से अधिक बचत कर रहे हैं। उसने एक किलोवाट के स्वीकृत भार से लेकर चार हजार किलोवाट से अधिक तक के रूफ-टॉप नेट मीटरिंग कनेक्शनों को सक्रिय किया है। इस कारण गर्मियों में ओवरलोडिंग के मुद्दों को कम करने में मदद मिलेगी। 

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