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मोबाइल एप से होगी टैक्सियों पर नजर

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राजधानी दिल्ली में टैक्सी में युवती के साथ हुई हैवानियत के बाद गुड़गांव पुलिस ने भी फर्जी टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। शहर में टैक्सी स्टैंड पर जांच बढ़ाने के आदेश के बाद अगली कड़ी में पुलिस मोबाइल एप के जरिये भी टैक्सियों पर नजर रखेगी।
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इसमें बाकायदा टैक्सियों को रजिस्टर्ड किया जाएगा। पुलिस के ऑटो वेरीफिकेशन की तर्ज पर शुरू किए जाने वाले मॉड्यूल के लिए पुलिस आयुक्त ने तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि हफ्तेभर में इसे शुरू भी कर दिया जाएगा।

इतना ही नही, एप्स में पहले से मौजूद टैक्सी रेटिंग सिस्टम को भी उससे जोड़ दिया जाएगा ताकि ऐसी टैक्सियों के फीडबैक के आधार पर उन्हें रेटिंग देकर यात्रियों को आगाह कर दिया जाएगा। इस मॉड्यूल को पहले से चल रहे ऑटो जांच की तर्ज पर ही तैयार किया जा रहा है जिसमें अगर कोई टैक्सी रजिस्टर्ड नहीं होती है तो ट्रैफिक पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
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बनाया जा रहा है मॉड्यूल

पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क के अनुसार गुड़गांव पुलिस के मोबाइल एप में इस मॉड्यूल को जोड़ने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों से बातचीत चल रही है अगर यह सफल होता तो यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर इसे शुरू किया जा सकता है।

कुछ इस तरह काम करेगा मॉड्यूल

गुड़गांव पुलिस के मोबाइल एप में टैक्सी वेरीफाई नाम से बनाए जाने वाले मॉड्यूल पर क्लिक करने पर उसमें टैक्सी नंबर अथवा चालक के मोबाइल नंबर फीड करेंगे। अगर चालक पहले से रजिस्टर्ड है तो उसका संदेश आ जाएगा।

रजिस्टर्ड न होने पर कोई मैसेज नहीं आएगा। इसके अलावा टैक्सी रेटिंग/फीडबैक ऑप्शन पर क्लिक करके भी यात्री उस यात्रा से संबंधित फीडबैक दे सकेंगे। अगर किसी टैक्सी का नेगेटिव रेटिंग आती है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
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उबर की टैक्सी दिखते ही होगी कार्रवाई

गृह मंत्रालय के आदेश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में उबर टैक्सी के संचालन को लेकर सड़क परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने कड़ा रुख अपना लिया है। आरटीए ने दो टीमों का गठन किया है जो ऐसे टैक्सियों पर नजर रखने के अलावा उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। आरटीए सचिव के मुताबिक बृहस्पतिवार से शहर में टीमें अभियान शुरू कर देंगी।
 
गुड़गांव की एक फाइनेंस कंपनी में काम करने वाली युवती के साथ उबर टैक्सी चालक ने दिल्ली में किए दुष्कर्म के बाद सुरक्षा उपकरणों में लापरवाही की बात सामने आने के पर गृह मंत्रालय ने उबर के दिल्ली-एनसीआर में संचालन पर रोक लगा दी थी। गृह मंत्रालय की तरफ से हरियाणा सरकार को आदेश जारी किया गया। इसके लिए आरटीए विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद शहर में धड़ल्ले से उबर टैक्सी के संचालन को देखते हुए आरटीए ने कड़ा रवैया अपना लिया है।

आरटीए सचिव अमरजीत सिंह के मुताबिक, शहर में चलने वाली उबर कैब पर नजर रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है। इसमें दो टीमों को उनके खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। दोनों में दो-दो अधिकारियों को शामिल किया गया है। दिल्ली-गुड़गांव बॉर्डर समेत शहर में गैरकानूनी तरीके से उबर की सर्विस देने वाले चालकों के खिलाफ आरटीए विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी रिपोर्ट उनकी निगरानी में होगी। बृहस्पतिवार को टीमें शहर में जगह-जगह अभियान चलाकर टैक्सियों के कागजात जांचेगी।
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