पिछले साल राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए मिशन इंद्रधनुष का तीसरा चरण 7 अप्रैल से शुरू होगा और जुलाई तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं व दो वर्ष तक की आयु के बच्चों को सात प्रकार की घातक बीमारियों से बचाने के लिए इसकी शुरूआत की गई थी। मिशन को सफल बनाने के लिए उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और चिकित्सकों की बैठक ली।
डीसी चंद्रशेखर सभी चिकित्सा अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिशन की सफलता के लिए दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में इस मिशन के तहत संचालित किए जाने वाले टीकाकरण कार्यक्रम से कोई भी लक्षित गर्भवती महिला और बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए।
डॉ. संजीव तंवर ने बताया कि मिशन का तीसरा चरण अप्रैल से जुलाई तक चलेगा। इसके अंतर्गत जिले में लगभग 24 हजार बच्चों और ढाई हजार गर्भवती महिलाओं को सात प्रकार की घातक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण किया जाएगा।
इन बीमारियों में टीबी, गलघोटू, काली खांसी, टेटनस, पीलिया, निमोनिया व खसरा शामिल हैं। इस माह यह टीकाकरण सात अप्रैल से शुरू होगा और सात कार्य दिवसों तक चलेगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया, जिला सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोडा, जिला टीकाकरण नोडल अधिकारी डॉ. दीपक चोपड़ा तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से नियुक्त जिला मिशन प्रतिनिधि डॉ. संजीव तंवर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।