अवैध खनन पर शिकंजे को लेकर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन सचाई ये है कि अब तक एक भी माफिया पर कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस सिर्फ डंपर और जेसीबी चालकों को ही पकड़ सकी है। पिछले एक साल में एक भी माफिया पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है।
दरअसल, एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद से पुलिस-प्रशासन ने माफिया पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी थी।
आए दिन पुलिस यमुना खादर में बालू माफिया पर शिकंजा कसने के लिए दबिश देती रही। पुलिस ने पिछले एक साल में करीब 20 मामले दर्ज किए हैं।
इन सभी मामलों में सिर्फ चालक-परिचालकों को ही गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस पर फायरिंग करने वाले माफिया फरार हैं। इससे पुलिस द्वारा माफिया के खिलाफ कार्रवाई कहा जाना झूठा साबित होता दिख रहा है।
अधिकारिक सूत्रों की मानें तो पुलिस ने अभी तक एक भी माफिया को नामजद नहीं किया है जिसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस अगर माफिया पर कार्रवाई करे तो खनन का अवैध कारोबार हमेशा के लिए बंद हो सकता है। पुलिस माफिया को कार्रवाई से बचा देती है और चालक-परिचालकों को पकड़कर पीठ थपथपा लेती है।
खनन करता चालक गिरफ्तार, माफिया फरार
कासना पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ के दौरान एक अवैध खनन कर रहे एक चालक को गिरफ्तार किया है। साथ ही दो जेसीबी और दो ट्रैक्टर को कब्जे में लिया है। जबकि अन्य पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग मुरसदपुर के पास बालू का खनन कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर चालक संजीव को दबोच लिया। साथ ही पुलिस ने सात लोगों करे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर की है।