गुड़गांव से सटे मेवात के मुसलमानों को भारतीय जनता पार्टी से परहेज नहीं रहा है। इसके इलाके के मुस्लिम नेताओं के भाजपा में जाने की रफ्तार से यह बात और पुख्ता हो रही है।
जिले की राजनीति में आए इस बदलाव से भाजपा नेता गदगद हैं। उल्लेखनीय है कि एक समय मेवात के मुस्लिम भी भाजपा से परहेज करते थे।
लोकसभा चुनाव के समय गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत सिंह के साथ करम इलाही, जाहिद हुसैन बाई आदि के भाजपा में शामिल होने के बाद यह स्थिति बदली है। लोकसभा चुनाव के दौरान राव इंद्रजीत की बड़ी जीत ने इसे साबित किया। फिलहाल यहां भाजपा अपने सबसे अच्छे दौर में है।
कैसे बने विरोधी से समर्थक
लगभग रोज मुस्लिम लीडर इसमें शामिल होने का ऐलान कर रहे हैं। पुन्हाना के इकबाल जेलदार सरीखे कांग्रेस के कुछ सीनियर लीडर भी इसमें चले गए हैं। इलाके में हजकां के सक्रिय नेता मुंडल, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान ने भी इसकी सदस्यता ली है।
भाजपा मेवात जिलाध्यक्ष रामवतार सिंगला की मानें तो नूंह के इनेलो के तीन बड़े मुस्लिम नेताओं समेत छह लोगों ने पार्टी में आने की अर्जी दे रखी है। इनमें तीन पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन के करीबी बताए गए हैं।
वैसे चर्चा है कि ये तीनों इस शर्त पर भाजपा में आने को राजी हुए हैं कि उनमें से किसी एक को नूंह से टिकट दिया जाएगा। यहां से राव इंद्रजीत के करीबी जाहिद हुसैन बाई पहले से ताल ठोंक रहे हैं। हालांकि सिंगला साफ कहते हैं कि भाजपा में आने वालों को टिकट मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
भाजपा ने कुछ यूं बढ़ाया अपना दायरा
हालांकि, इलाके के कुछ मुस्लिम नहीं मानते कि उनके कुछ नेताओं के भाजपा में जाने से सभी मुसलमानों का झुकाव भाजपा की ओर बढ़ रहा है। उनका कहना है कि भाजपा मेवात की तीन सीटों पर मुस्लिमों को टिकट देती है और वे जीतकर आते हैं, तो कुछ हद तक इसे स्वीकारा जा सकता है।
कई सामाजिक संगठनों से जुड़े रमजान चौधरी का कहना है कि अभी मेवात में भजपा का लिटमस टेस्ट बाकी है। इसी तरह फलाह मेवात के खालिद हुसैन कहते हैं कि भाजपा मुस्लिमों की समस्याओं को हल करने में दिलचस्पी दिखाती है तो इससे किसी को परहेज नहीं करना चाहिए।
पुन्हाना में टिकट को लेकर खींचतान
चुनावी सीजन में भाजपा में शामिल होने वालों को लेकर पुराने भाजपाइयों में खलबली है। उन्हें लगता है कि नए लोगों के आने से उनका हक मारा जा सकता है। जिलाध्यक्ष रामवतार सिंगला कहते हैं कि दीपक मंगला सहित तीन नेताओं की कमेटी के सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही किसी को भी टिकट दिया जाएगा।
इस क्षेत्र से पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ने वाली पूर्व सांसद अवतार भड़ाना की बहन दया भड़ाना भी हाल में भाजपा में शामिल हुई हैं। उधर, इलाके के वरिष्ठ कांग्रेस नेता इकबाल जेलदार भी भाजपा में चले गए हैं।
अब दोनों ही टिकट के लिए दावेदारी ठोंक रहे हैं। दया कहती हैं कि इकबाल के भाजपा में आने के समय स्पष्ट कर दिया गया था कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा। उधर, इकबाल के भाजपा में शामिल होते समय उनके समर्थकों ने भाजपा नेताओं से साफ कहा था कि वही इस सीट को भाजपा की झोली में डाल सकते हैं।