एजेंसी को तीन साल में देनी होगी रिपोर्ट
एजेंसी को कार्य शुरु करने के बाद तीन वर्ष के अंदर पूरी रिपोर्ट देनी होगी। मेट्रो प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसकी प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। अब इसके लिए कार्य शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई मेट्रो पिलर व स्टेशन के पास अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की असुविधा को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
येलो लाइन पर होगा सबसे पहले सर्वे
डीएमआरसी सबसे पहले येलो लाइन (समयपुर बादली-हुडा सिटी सेंटर) पर सर्वे शुरु करेगा। इसके बाद रेड लाइन (रिठाला-न्यू बस अड्डा गाजियाबाद), ब्लू (द्वारका सेक्टर 21-इलेक्ट्रोनिक सिटी नोएडा/वैशाली), वायलेट (कश्मीरी गेट-बल्लभगढ़), पिंक (मजलिस पार्क-शिव विहार), मजेंटा (जनकपुरी पश्चिम-बोटेनिकल गार्डन), ग्रे लाइन (द्वारका- ढांसा बस स्टैंड) व ग्रीन (इंद्रलोक-बहादुरगढ़) शामिल है। मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि येलो व ब्लू लाइन में सबसे अधिक अतिक्रमण की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन इनकी जगहों को चिन्हित नहीं नहीं किया जा सका है।