मुरादनगर बवाल के बाद 36 नेताओं पर नामजद और 5 हजार अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज किए जाने से रालोद नेताओं में रोष है। उन्होंने पुलिस पर धोखा देने का आरोप लगाया है।
एफआईआर से खफा रालोद नेता शनिवार को एसपी ग्रामीण से मिले। उन्होंने रालोद नेता-कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई एफआईआर वापस लेने की मांग की।
रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, जिलाध्यक्ष तेजपाल चौधरी और महानगर अध्यक्ष रामानंद गोयल समेत दर्जनों नेता एसएसपी धर्मेंद्र यादव से मिलने पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे।
एसएसपी के न मिलने पर उन्होंने एसपी ग्रामीण जगदीश शर्मा से वार्ता की। रालोद नेताओं का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठक कर उनके खिलाफ कार्रवाई न किए जाने का आश्वासन दिया था।
अफसरों के कहने पर किसानों ने आंदोलन खत्म कर दिया था। बावजूद इसके रालोद नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। महानगर अध्यक्ष रामानंद गोयल ने बताया कि एसपी ग्रामीण जगदीश शर्मा ने उन्हें बैठक में दिए गए आश्वासन को पूरा करने की बात कही है।
अगुवाई करने वालों के नाम एफआईआर से गायब
रालोद जिलाध्यक्ष तेजपाल चौधरी और महानगर अध्यक्ष रामानंद गोयल समेत कई नेता भीड़ जुटाने के लिए दो दिन पहले ही गांव-गांव जाकर जनसंपर्क करने लगे थे।
18 सितंबर को हुए आंदोलन की अगुवाई में भी दोनों आगे रहे, लेकिन पुलिस की एफआईआर से दोनों के ही नाम गायब हैं। पार्टी में ही यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों पदाधिकारियों का नाम बाद में एफआईआर से हटवाया गया है।