19 वर्षीय मीनाक्षी की मौत को एक हफ्ते से ज़्यादा हो गया है लेकिन आज भी आंनद पर्बत इलाके में रहने वाले लोग उसकी की मौत के सदमें से उभर नही पाए हैं।
वो अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि ऐसी वारदातें आए दिन होती रहती हैं और यही कारण है कि उनके बच्चों के दिलों में दहशत फैल चुकी है और अब वो स्कूल जाने से मना कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि इस साल मीनाक्षी की हत्या के अलावा भी आनंद पर्बत में बलात्कार के नौ, हत्या के तीन, जानलेवा हमले के तीन और डकैती के तीन मामले हो चुके हैं।
अश्लील कमेंट का शिकार हो रही स्कूली छात्राएं
इसी साल आनंद पर्बत इलाके में छेड़छाड़ सहित वाहन चोरी के कुल 400 मामले दर्ज कराये गये हैं। लेकिन मीनाक्षी का मामला गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि आरोपियों को उसके मर्डर से पहले भी छेड़छाड़ के मामले में जेल भेजा जा चुका था।
यहां के लोगों का कहना है कि वो अपनी लड़कियों को स्कूल भेजते तो हैं पर उन्हें इस बात का डर लगा रहता है कि वो सही सलामत घर लौटेंगी या नहीं।
लोगों का कहना है कि सुबह सात से साढ़े आठ बजे के करीब जब बच्चें स्कूल जाते हैं तो पास रहने वाले कुछ लड़के, लड़कियों पर भद्दे कमेंट करते हैं और डांटने पर गाली-गलौच करते हैं।
क्यों बदनाम हो रहा आनंद पर्बत
इसी इलाके में रहने वाले राजेंद्र कुमार का कहना है कि गली नं-5, पंजाबी बस्ती में जहां मीनाक्षी रहती थी वहां का माहौल बेहद खराब है। इसे चोरों ओर जेब कतरों का इलाका माना जाता है।
पुलिस का कहना है कि आनंद पर्बत में हो रही घटनाओं का मुख्य कारण लोगों में शिक्षा की कमी और बेरोज़गारी है, जबकि वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि पुलिस इस इलाके में पेट्रोलिंग करती ही नहीं।
मीनाक्षी की हत्या में आरोपी जय प्रकाश के दोस्त शैलेश सोनी का कहना है कि मीनाक्षी और जय प्रकाश के बीच पिछले 3-4 सालों से सीढ़ियों के निमार्ण को लेकर झगड़ा था और मीनाक्षी उसे उलहाने देती रहती थी। एक बार तो उसने जय प्रकाश पर रेप का इलज़ाम भी लगाया था।
शादी होने में इलाके का नाम बन रहा रूकावट
इस केस पर हो रही राजनीती और मीडीया का दबाव पड़ने के कारण यहां रहने वालों को और कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जय प्रकाश के दोस्त शैलेश सोनी ने बताया कि बुधवार को नौकरी के सिलसिले में इंटरव्यू देने गए थे।
लेकिन आनंद पर्बत इलाके का होने के कारण उसे नौकरी नहीं मिली। इतना ही इंटरव्यू लेने वालों ने उससे साफ कहा कि अगर वह अपना रहने का ठिकाना बदल ले तो उसे नौकरी मिल सकती है।
केवल नौकरी में ही नहीं शादी के मामले में भी आनंद पर्बत का इलाका लोगों की जिंदगी पर असर डाल रहा है। यहां रहने वाले पवन कुमार ने बताया कि उन्हें बार-बार उनकी शादी को लेकर दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आनंद पर्बत इलाके में रहने के कारण कोई भी अपनी बेटी का हाथ उसे देने के लिए तैयार नहीं हो रहा है।