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कृपया ध्यान दें: एमसीडी की वेबसाइट एक हफ्ते से बंद: नहीं जमा हो रहा प्रॉपर्टी टैक्स, चक्कर काट कर लोग परेशान

Mon, 15 Apr 2024 07:22 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

बीते एक सप्ताह से दिल्ली नगर निगम की वेबसाइट बंद पड़ी है। ऑनलाइन संपत्तिकर का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से लोग निगम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। निगम ने इसके लिए 15 अप्रैल तक समय मांगा था। 
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ऑनलाइन एमसीडी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमसीडी की वेबसाइड करीब हफ्ते भर से ठप पड़ी होने के कारण ऑनलाइन संपत्तिकर का भुगतान नहीं हो पा रहा। संपत्तिकर जमा करने के लिए लोग धूप में निगम दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। वेबसाइट पर ऑनलाइन सर्विसेज की विंडो नहीं खुल रही। इस बीच एकाध बार यदि मुश्किल से ये विंडो खुल भी रही तो इसके आगे प्रॉपर्टी टैक्स की विंडो नॉट रीचेबल बता रही। निगम ने इसको दुरुस्त करने के लिए 15 अप्रैल तक का समय लोगों से मांगा था। लेकिन सोमवार को भी वेबसाइट बंद रही।

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हर दिन ठप हो रही वेबसाइट
सिविक सेंटर में समस्याएं लेकर पहुंचे नागरिकों से पता चला कि निगम की वेबसाइट आए दिन बंद पड़ जाती है, जिस वहज से निगम सेवाओं का सुचारु रूप से लाभ नहीं मिल पा रहा। निगम के आईटी डिपार्टमेंट पर हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे, जबकि इसकी ऑनलाइन सेवाएं बेहद लचर बनी हैं। एमसीडी की वेबसाइट का सर्वर धीमा रहता है। 

ऐसे मिलता से एमसीडी को संपत्ति कर
इधर निगम अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में करीब 55 लाख संपत्तियां हैं, जिनमें से करीब 80 फीसदी संपत्तियां अनधिकृत कालोनियों में हैं। बाकी 20 फीसदी (करीब 11 लाख संपत्तियां) नियमित कालोनियों में हैं, जिनसे संपत्तिकर मिलता है। पिछले वित्त वर्ष में एमसीडी को करीब 2300 करोड़ रुपये संपत्तिकर के रूप में हासिल हुआ था। निगम ने मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 2000 करोड़ रुपये ज्यादा संपत्तिकर अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन इसकी कार्यशैली से बिल्कुल नहीं लगता कि ये लक्ष्य हासिल होगा।
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जियो टैगिंग की साइट भी बंद रहने की शिकायत
नागरिकों की शिकायत है कि जियो टैगिंग करने की वेबसाइट भी अधिकतर बंद रहती है, जिसके कारण लोग अपनी संपत्ति को टैग नहीं कर पा रहे। निगम ने नियम बनाया है कि 31 अप्रैल तक जिन लोगों की संपत्तियां जियो टैग नहीं रहेंगी, उनको संपत्तिकर का एकमुश्त भुगतान पर मिलने वाली 10 फीसदी की छूट नहीं दी जाएगी। पहले लोगों को एकमुश्त संपत्तिकर भुगतान करने पर 15 फीसदी की छूट दी जाती थी। इस साल संपत्तिकर के भुगतान के लिए नागरिकों के लिए हर साल लाई जाने वाली आम माफी योजना भी नहीं लाई गई। इस योजना के माध्यम से भारी संख्या में संपत्तिकर जमा होता था।
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