दिल्ली नगर निगम चुनाव के प्रत्याशियों की किस्मत रविवार शाम ईवीएम में कैद हो गयी है। पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच ईवीएम को दिल्ली के करीब 35 मतगणना केंद्रों के स्ट्रांग रूम में पहुंचा दिया गया है। सभी केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। दिल्ली चुनाव आयोग 26 अप्रैल को 270 उम्मीदवारों के किस्मत पर मुहर लगा देगा।
भाजपा व आम आदमी पार्टी (आप) समेत कांग्रेस के लिये बेहद अहम माने जाने वाले दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिये दिल्लीवासियों ने अपना फैसला सुना दिया है। रविवार शाम सभी उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम के भीतर कैद हो गया।
इसके बाद तीनों प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर चुनावों के आंकड़ों में उलझ गये। दो साल पहले के दिल्ली विधान सभा चुनाव की तुलना में निगम चुनाव में पड़े कम वोट के भी मायने निकाले जा रहे हैं। तीनों पार्टियां इसे अपने लिये फायदेमंद बता रही है।
दूसरी तरफ सियासी पैमाने पर संवेदनशील ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 35 मतगणना केंद्रों के स्ट्रांग रूम में पहुंचा दी गयी हैं। पुलिस अधिकारियों की मानें तो अगले दो दिनों तक सभी केंद्रों पर 24 घंटे की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। सभी केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है।
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का जिम्मा अर्द्ध सैनिक बलों को दिया गया है। वहीं, सीसीटीवी भी लगाये गये हैं जबकि दूसरे स्तर की सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस के पास है। आखिरी घेरा जिला पुलिस के हवाले है।
अधिकारी बताते हैं कि मतगणना खत्म होने तक केंद्र के नजदीक किसी को फटकने नहीं दिया जायेगा। इसके नजदीक वाहनों के रूकने पर भी पाबंदी है।