राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद तीनों एमसीडी की ओर से 24 घंटे में 488 चालान किए जा चुके हैं। इनमें कूड़ा जलाने, खुले में मलबा डालने, निर्माण कार्यों के अलावा सड़कों पर अधिक धूलकण होने पर भी चालान शामिल हैं।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से 108 जगहों का टीम ने मुआयना किया। इस दौरान प्रदूषण मानकों की अनदेखी करने के 25 मामले में 3.45 लाख रुपये के चालान किए गए। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए कुल 78 चालान किए। इनमें कूड़ा जलाने के 32, निर्माण कार्यों से उत्पन्न धूल के 35, खुले में मलबा डालने के 11 मामले में चालान करते हुए 10.81 लाख रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने प्रदूषण के 302 मामलों में चालान किए। इस कार्रवाई के दौरान एक फैक्ट्री का चालान भी किया गया।
दक्षिणी क्षेत्र में कुल 42 चालान किए गए, जिनसे जुर्माने के तौर पर 1.48 लाख रुपये वसूले गए। निर्माण में अनदेखी के चार मामलों में सर्वाधिक 90 हजार रुपये का चालान किया गया है। नजफगढ़ क्षेत्र में कूड़ा जलाने के 12 जबकि फुटपाथ पर अतिक्रमण के चार चालान किए गए हैं।
दक्षिणी निगम के सेंट्रल जोन में सर्वाधिक 230 चालान किए गए, जिनमें जुर्माना के तौर पर दो लाख रुपये वसूले गए हैं। कूड़ा फेंकने के 121, निर्माण के तीन, मलबे के आठ जबकि सड़कों की सफाई न होने की वजह से पैदा होने वाले धूलकणों के लिए 104 सहित एक फैक्ट्री का चालान किया गया है।