एमसीडी सदन की बैठक बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने 12 हजार अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर नारेबाजी कर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में आप पार्षदों ने सदन में पोस्टर लहराए। भाजपा को दलित विरोधी करार देते हुए नारे लगाए। महापौर के बार-बार आग्रह के बावजूद सीटों पर नहीं लौटे।
हंगामे के चलते महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह को सदन की कार्यवाही एक बार स्थगित करनी पड़ी। हालांकि अंत में एजेंडा पारित कर बैठक स्थगित कर दी गई।
नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि जब एमसीडी में आप की सरकार थी, तब 12 हजार अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव पास किया था।
कर्मियों के वेतन व सेवा लाभों के लिए 800 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी किया था। लेकिन अब भाजपा की चार इंजन वाली सरकार इसे रोक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर दलित कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है।
भाजपा का पलटवार, आप की राजनीति को नकारात्मक बताया
हंगामे के बाद महापौर राजा इकबाल सिंह, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा और नेता सदन प्रवेश वाही ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। महापौर ने कहा कि आप पार्षदों ने बार-बार सदन में व्यवधान डाला, जबकि यह बैठक जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का अहम मंच होती है।
हमने पिछले दो महीने में 1.4 लाख मीट्रिक टन गाद निकालकर रिकॉर्ड काम किया है। आप पार्षद नहीं चाहते कि हम जनता के हित में कोई फैसला लें। सत्या शर्मा ने दावा किया कि मिंटो रोड जैसी संवेदनशील जगहों पर भी जलभराव नहीं हुआ, यह हमारी तैयारी का प्रमाण है। लेकिन आम आदमी पार्टी सिर्फ बौखलाहट में सदन नहीं चलने दे रही। प्रवेश वाही ने आरोप लगाया कि आप पार्षदों ने उनके हाथ से एजेंडा फाड़ दिया। यह उनका असली चेहरा है, ये सिर्फ ढोंग करते हैं।
आईवीपी का भी आप पर हमला
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल ने भी आम आदमी पार्टी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव प्राइवेट मोशन के तहत लाई थी, जिसका कानूनी महत्व नहीं है। न बजट में फंड का इंतजाम किया गया था और न ही प्रक्रिया का पालन किया गया। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने अपने शासनकाल के दो साल इस मुद्दे पर कुछ नहीं किया और अंत में सिर्फ वाहवाही के लिए नियमों के खिलाफ प्रस्ताव पास करा दिया।