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मनोज एनकाउंटर: पुलिस ने सुपारी लेकर की हत्या

Fri, 22 May 2015 04:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनोज एनकाउंटर का दावा करने वाली दिल्ली पुलिस पर एक के बाद एक संगीन आरोप लग रहे हैं। अब मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ ने आरोप लगाया है दिल्ली पुलिस ने उनके भाई को सुपारी लेकर मारा हैं। उन्हें काफी समय से परेशान किया जा रहा था।
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अनिल वशिष्ठ का आरोप है दिल्ली पुलिस ने मोटी रकम लेकर उनके भाई मनोज वशिष्ठ की हत्या की है। हत्या करने से पहले पुलिसकर्मी मनोज के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने के प्रयास में भी लगे थे।

कई लोगों पर उन्होंने दबाव भी बनाया था, लेकिन उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। पुलिसकर्मी उनसे अवैध वसूली लंबे समय से कर ही रहे थे। उन्होंने चंडीगढ़ और पंजाब के दो व्यापारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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उनका कहना है कि इसमें दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे हैं। यदि केस की निष्पक्ष जांच हो तो सभी बेनकाब हो जाएंगे।

सवालों के घेरे में पुलिस की भूमिका

सागर रत्ना रेस्टोरेंट में हुए मुठभेड़ की जांच कर रही एसआईटी के पांच सदस्यीय टीम के इंस्पेक्टर रमेश लांबा को हटाने पर दिल्ली पुलिस विचार कर रही है।

मनोज के परिजनों ने इंस्पेक्टर पर सबूत से छेड़छाड़ करने और मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों की मदद करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस आयुक्त से की है। पुलिस आयुक्त ने स्पेशल सीपी (लॉ एंड आर्डर) को इसकी जांच करने के लिए कहा है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मनोज वशिष्ठ के छोटे भाई अनिल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को दी लिखित शिकायत में कहा है कि इंस्पेक्टर रमेश लांबा पीड़ित परिवार को परेशान कर रहे हैं। वह जांच में सबूत से छेड़छाड़ और स्पेशल सेल कर्मियों को मदद पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही चश्मदीद गवाहों को प्रभावित करने की भी कोशिश कर रहे हैं। उन्हें रमेश लांबा पर भरोसा नहीं है और उनकी जांच टीम में शामिल रहने से परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा।

वर्तमान में प्रसाद नगर के एसएचओ रमेश लांबा काफी समय तक स्पेशल सेल में तैनात रहे हैं। पोस्टमार्टम के दौरान भी रमेश लांबा पर कई तरह के कागजात देकर परेशान करने का आरोप लगाया गया था, जिसकी वजह से परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया था।
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'जल्द दूंगा खुशखबरी, बाद में आप संभाल लेना'

शिकायत मिलने के बाद पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने स्पेशल सीपी को निर्देश दिया है कि मामले की जांच साफ सुथरी छवि रखने वाले अधिकारियों से ही करवाई जाए। इसके बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने बैठक की है और इस मसले पर विचार विमर्श किया।

अनिल वशिष्ठ का आरोप है उनके भाई मनोज की पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की गई है। घटना से काफी समय पहले पुलिस कर्मी रेस्टोरेंट में पहुंच गए थे। उनमें से एक पुलिस कर्मी फोन पर लगातार किसी अधिकारी से संपर्क में था।

हत्या करने से पहले उसने अधिकारी से कहा साहब, जल्दी ही खुशखबरी दूंगा, बाद में मामला आप संभाल लेना। थोड़ी देर बाद ही उन्होंने मनोज की हत्या कर दी। ऐसे कई तथ्य परिजनों के सामने आए हैं।

पीड़ित परिवार और क्षेत्र के लोग लगातार केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। ऐसे में लोग केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।
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