महिला से अवैध संबंध मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग और बरखा शुक्ला सिंह को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस कुमार विश्वास द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है।
नेता कुमार विश्वास ने महिला से अवैध संबंध मामले के विवाद में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह के रवैये को लेकर हाईकोर्ट में दस्तक दी थी। विश्वास ने ये आरोप लगाया था कि बरखा सिंह राजनीति से प्रेरित होकर इस मामले में निर्णय ले रही हैं।
हालांकि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने कुमार विश्वास को तगड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था, लेकिन अब इसी मामले पर हाइकोर्ट ने पीड़िता को कोर्ट में हाजिर होकर अपनी बात रखने के लिए कहा है। साथ ही दिल्ली महिला आयोग और उसकी अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह को नोटिस जारी किया है।
महिला आयोग ने इस मामले में पीड़िता की शिकायत
गौरतलब है कि दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में पीड़िता की शिकायत के आधार पर आप नेता कुमार विश्वास को आयोग में पेश होने का समन भेजा था।
आयोग में पेश होने की बजाय कुमार अमेरिका चले गए और बाद में हाईकोर्ट में इस समन पर स्टे लगाने के लिए याचिका डाल दी थी। लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये फैसला सुनाया था कि कोर्ट दिल्ली महिला आयोग के समन पर स्टे नहीं लगाएगी।
ऐसे में कुमार विश्वास को आयोग में पेश होना जरूरी हो गया था, लेकिन अब इसके उल्टा कोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग और बरखा सिंह को ही नोटिस जारी कर दिया है।
याचिका में क्या था विश्वास ने
हाइकोर्ट में आप नेता ने कहा था कि बरखा सिंह स्वयं एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ी रही हैं और जिस प्रकार वे उनके खिलाफ मीडिया में बयानबाजी कर रही हैं उससे उनकी बदनियती साफ जाहिर हो रही है।
वे पूरे मामले का जानबूझ कर मीडिया ट्रायल करवा रही हैं ताकि उनकी व उनके परिवार की प्रतिष्ठा खराब हो सके। गौरतलब है कि आयोग ने पहले विश्वास और उनकी पत्नी को 4 मई को पेश होने को कहा था।
जब वह नहीं आए तो फिर उन्हें छह मई को बुलाया गया। हालांकि आप नेता उस दिन भी आयोग के सामने नहीं गए थे।