नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर कार जलने की घटना से पहले शनिवार को मैकेनिकल इंजीनियर नितिन ने अपने साले नीरज से मोबाइल पर बात की थी। जिसमें उसने पत्नी से झगड़े की बात कही और कहा कि सबकुछ खत्म हो गया।
एसएसपी डॉ. प्रितिंदर सिंह के अनुसार शनिवार शाम को करीब छह बजे नितिन ने अपने साले नीरज से मोबाइल पर बात की थी। घटना से पहले उसने घबराए हुए अंदाज में नीरज को बताया कि 16 जुलाई को उसका और पारुल का झगड़ा हुआ है।
उसने फोन पर बताया कि ‘अब सब कुछ खत्म हो गया’। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद नीरज ने फोन लगाया तो वो स्विच ऑफ हो गया था।
एक मोबाइल है, जो खोल देगा सारे राज
इसके बाद रेवाड़ी में रहने वाले परिजनों ने सेक्टर-19 में रहने वाले पारुल के बुआ-फूफा से पूरी जानकारी लेने को कहा। शनिवार रात उसकी बुआ-फूफा प्रतीक लॉरियल सोसाइटी में फ्लैट ढूंढते रहे, लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं मिला।
इसके बाद सुबह जब तक परिजन पहुंचे। तब तक पुलिस पहुंच गई थी। पारुल के पिता सुरेंद्र कुमार ने थाना सेक्टर-58 में बेटी पारुल और नातिन आइसी की हत्या का मामला दर्ज कराया है।
पुलिस ने कार में जले शख्स की डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया है। जिससे तस्वीर काफी साफ हो जाएगी। उधर, सेक्टर-120 के जिस फ्लैट में नितिन की पत्नी और बेटी की हत्या हुई, उसके पास एक पुराना सा टूटा मोबाइल मिला था। जिसमें बैटरी अलग पड़ी हुई थी। वहीं, सिम कार्ड भी निकला हुआ था।
इसलिए शक की सूई है नितिन पर
पुलिस का कहना है कि 17 की सुबह नितिन ने अपनी कंपनी में तबीयत खराब होने की बात कहकर दफ्तर जाना छोड़ दिया था। 16 तक ही वह पड़ोसियों को दिखाई दिया था। शनिवार सुबह सफाई करने वाले प्रभुदयाल ने उसकी वैगनआर कार को देखा था।
करीब 20 दिन पहले ही नितिन ने उसे कार धोने से मना कर दिया था। घर पर नौकरानी भी नहीं रखी गई थी। दो से तीन दिन तक नितिन ने बाहर किसी से बात नहीं की।
इस मामले में पुलिस के सामने जांच के लिए कई पहलू हैं। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि महिला और मासूम बच्ची की हत्या के मामले में कोई बड़ी साजिश तो नहीं है। सवाल ये भी है कि पत्नी-बच्ची की हत्या के बाद नितिन ने आत्महत्या की या फिर जलकर मरा शख्स कोई और ही है।