ठगों ने ऐप और काम की विशेषताओं के बारे में सिखाया। इसके बाद कमाए गए पैसे को कमीशन के रूप में वापस लेने के आदेश को पूरा करने के लिए 5 कार्य सौंपे गए। उत्पाद को खरीदने के लिए रिचार्ज का विकल्प था। जब शिकायतकर्ता महिला ने रिचार्ज पर क्लिक किया तो पेटीएम से भुगतान करने का निर्देश मिला।
इसके बाद महिला ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर अलग-अलग राशि का भुगतान किया। जब महिला ने शक जताया तो ठगों ने अमेजन कंपनी के सर्टिफिकेट के स्क्रीनशॉट भेजे।
वास्तविक होने पर भरोसा हुआ तो महिला ने यूपीआई आईडी में 1.18 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। फिर शेष उत्पाद खरीदने के लिए एक और कोड भेजा, लेकिन ठगी का अहसास होने पर महिला ने पैसे नहीं भेजे।
चीनी साइबर जालसाज ने ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब की तलाश कर रहे लोगों को धोखा देने के लिए मॉड्यूल विकसित किया था, क्योंकि एजेंसियां लगातार चीनी लोन देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
लोगों में इसे लेकर जागरूकता आने से चीनी लोन के जरिये धोखाधड़ी अब कम हो रही है। इसे देखते हुए जालसाजों ने अमेजन कंपनी की तरह एक फर्जी वेबसाइट https://mall613.com/#/pages/regist/index बना ली। वेबसाइट चीन से रजिस्टर्ड है।
इसके बाद ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वास्तविक अमेजन कंपनी के रूप में विज्ञापन करते थे। इसके लिए उन्हें डिजिटल मार्केटिंग की मदद से लाखों लाइक और फॉलोअर्स मिलते हैं, जिसे देखकर युवा आकर्षित होते हैं।
फिर उन्हें वेबसाइट पर आईडी बनाने के लिए कहा जाता है और उत्पादों को ऑनलाइन बेचने का काम दिया जाता है। इसके बाद फर्जी तरीके से उत्पाद बेचने के नाम पर बेवकूफ बनाया जाता है। आरोपी के पास उस वेबसाइट का एडमिन एक्सेस होता है और वह कोई भी संशोधन कर सकते हैं। पीड़ित खाते में पैसे जमा होते हुए देख सकते हैं।
गुरुग्राम निवासी अभिषेक जॉर्जिया में बैठे सरगना से दस साल से संपर्क में है। अभिषेक पेटीएम में उप प्रबंधक रह चुका है। फिलहाल वह वित्तीय और लागत सलाहकार है। सरगना को आरोपी तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा था।
नजफगढ़ निवासी सतीश दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। वह एजिस, इंडिया बुल्स, एयरटेल, नेट एमिड सहित अन्य नामी कंपनी में काम कर चुका है। आरोपी ने कुछ ऐप के माध्यम से सरगना के फोन को चालू खाते से जुड़े सिम से जोड़ा और विदेश में सरगना को चालू खाते के ओटीपी तक पहुंचने की सुविधा प्रदान की। वहीं, संदीप महला ने विदेश में पैसे निकालने के लिए अपने खाते ही सुविधा दी थी।