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Greater Noida : अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों की महापंचायत आज, कल संसद घेराव का एलान

Wed, 07 Feb 2024 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

किसानों ने प्राधिकरण पर महापंचायत व 8 को संसद घेराव कर ऐलान किया है। 
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धरने पर किसान... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का ग्रेनो प्राधिकरण पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने प्राधिकरण पर महापंचायत व 8 को संसद घेराव कर ऐलान किया है। 

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इसे लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसान 10 फीसदी आबादी भूखंड आदि मुद्दों को लेकर आंदोलनरत हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ़  रुपेश वर्मा ने बताया कि महापंचायत को विभिन्न किसान संगठनों व विपक्षी पार्टियों ने समर्थन दिया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में जनसंपर्क किया गया है। वहीं, संगठन के संयोजक वीर सिंह नागर का कहना है कि पुलिस किसानों पर नाजायज दबाव बना रही है। 

गांव रोजा के किसान व कमेटी के सदस्य दुष्यंत सेन को पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा। इसकी जानकारी होने पर किसान संगठन के लोग कोतवाली पहुंचे। महापंचायत को विफल करने के लिए आंदोलन से जुड़े किसान नेताओं को परेशान किया जा रहा है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर जगबीर नंबरदार, देशराज राणा, सुरेंद्र यादव, सुरेश यादव, गवरी मुखिया, सुधीर रावल, भोजराज रावल, केशव रावल, अजय शर्मा, अजय प्रधान, नरेश नागर, संदीप भाटी, सुशांत भाटी, प्रशांत भाटी, मोहित नागर, नितिन चौहान व डॉ़ ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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ऐच्छर गांव के किसानों ने दिया धरना
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित ऐच्छर गांव के किसानों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान आबादी भूखंड और 64़ 7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे हैं। धरनास्थल पर पहुंचे अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने किसानों को समर्थन दिया है। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रिजेश भाटी का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया जा रहा है।

ऐच्छर गांव के किसान कई सालों से 6 फीसदी आबादी भूखंड और 64़ 7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे हैं। गांव की जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, धरने के दौरान यह सहमति बनी कि महापंचायत को किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा समर्थन देगा।

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