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नर्सरी दाखिला: अब तो सिर्फ LUCK का सहारा

Thu, 23 Jan 2014 04:29 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए आवेदनों की रफ्तार तेज होने के साथ ही सीटें भी फुल होती जा रही हैं।
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ज्यादातर स्कूलों में दो दिनों में ही सीटों की निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन आ गए हैं। स्कूलों की मानें तो इस बार दाखिला पूरी तरह लॉटरी पर ही निर्भर करेगा। हालांकि स्कूलों के लिए एक ही दिन में सभी कैटेगरी के तहत लॉटरी निकालने की चुनौती होगी।

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श्रेष्ठ विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने बताया कि उनके यहां कुल 238 सीटें हैं। ओपन सीट (सामान्य) की 150 सीटों के लिए अब तक तीन गुना आवेदन फॉर्म लिए गए हैं। जबकि आर्थिक पिछड़े वर्ग की 38 सीटों के लिए 400 अभिभावकों को फॉर्म दिए जा चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह से सीटों से अधिक आवेदन आ रहे हैं उसके कारण लॉटरी की स्थिति ही बनेगी।

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उल्लेखनीय है कि गर्ल्स सीटें आरक्षित, आर्थिक पिछड़े वर्ग का कोटा व स्टॉफ कोटा भी आरक्षित है। ऐसे में यदि इन पर सीटों से अधिक आवेदन आए तो इन पर भी लॉटरी निकाल कर दाखिला देना होगा। वहीं पंजाबी बाग स्थित एनसी जिंदल पब्लिक स्कूल में कुल 200 सीटें हैं। जबकी करीब 800 फॉर्मों की बिक्री हो चुकी है। लिहाजा केवल 200 को दाखिला देने के लिए लॉटरी निकालनी पड़ेगी।

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दिल्ली पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि सामान्य की सीटों में नेबरहुड, सिबलिंग व एल्युमिनाई को शामिल किया जाए तब भी कम से कम तीन कैटेगरी के तहत लॉटरी की जरूरत पड़ेगी।
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मसलन किसी स्कूल में गर्ल्स कोटे की 3 सीटें हैं और उसके लिए आवेदन 50 तक आ गए तब भी उसके लिए लॉटरी का सहारा लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समस्या यह होगी कि एक ही दिन सभी लॉटरी किस तरह से की जाएं।
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