राजनिवास व दिल्ली सरकार के बीच एक बार फिर नए सिरे से तनाव बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री आवास सौंदर्यीकरण में हुए खर्च पर संज्ञान में ले लिया है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने मुख्य सचिव को पूरे मामले में सभी रिकार्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। साथ ही इस पूरे मामले में पंद्रह दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
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मुख्यमंत्री निवास सौंदर्यीकरण में 45 करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर राजनीतिक तलवारें तो आम आदमी पार्टी व भाजपा में खींची ही हुई है। राजनीतिक बयानबाजी में कांग्रेस पार्टी भी कूद गई है अब इस मामले में राजनिवास भी शामिल हो गया है। विपक्षी पार्टी लगातार उपराज्यपाल से इस मामले में जांच की मांग भी कर रही थी। इसे ही देखते हुए उपराज्यपाल ने इस पूरे मामले में जांच करने का निर्देश दे दिया है। पंद्रह दिनों में जांच रिपोर्ट आने तक यह तकरार तेज होने की उम्मीद है। उपराज्यपाल ने अपने निर्देश में कहा है कि अखबारों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार इस तरह की खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री निवास के सौंदर्यीकरण में लाखों रुपये खर्च किए गए है। लिहाजा इस मुद्दे को ठीक से जांच होनी चाहिए।